अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महाराज ने सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर प्रकरण की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकीलों की ओर से दी गई दलीलों में राम चरित्र मानस को काल्पनिक बताए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि रामचरित मानस करोड़ों हिंदुओं की आस्था का ग्रंथ है और जो लोग इसे काल्पनिक बता रहे हैं उन्हें भारतीय संस्कृति का ज्ञान ही नहीं है। वह सही तथ्यों का जानते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुओं की आस्था के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। श्री महंत नरेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि कोई भी पक्ष हो उसे अपनी दलीलें देने का अधिकार है लेकिन इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश नहीं किया जाना चाहिए।
दूसरी ओर श्री महंत नरेंद्र गिरि महाराज और अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्री महंत हरिगिरि महाराज ने अभी तक कुंभ मेले के काम शुरू नहीं होने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कुंभ कार्यों में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि जल्द ही यदि कुंभ मेले के काम शुरू नहीं किए तो संत समाज रणनीति बनाकर सरकार को चेताने का काम करेगा। श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज हरिद्वार में कई संतों से मिले और कुंभ के भव्य आयोजन को लेकर चर्चा की। उन्होंने पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण और बड़ा उदासीन अखाड़े के संतों से भी मुलाकात की।