हरिद्वार(श्यामपुर)। सैलानियों के लिए राजाजी टाइगर रिजर्व 15 नवंबर से खुल जाएगा। जिसके लिए पार्क प्रशासन की ओर से ट्रैक को दुरुस्त किया जा रहा है। ट्रैक की मरम्मत का काम अंतिम चरणों में चल रहा है।
15 नवंबर से राजाजी टाईगर रिजर्व के गेट सैलानियों के लिए खोल दिए जाएंगे। इस दिन राजाजी टाइगर रिजर्व के चीला, रानीपुर और मोतीचूर गेट से सैलानी पार्क के अंदर जा सकेंगे। जहां पर्यटक वन्यजीवों का दीदार करेंगे । पार्क प्रशासन की ओर से ट्रैक की मरम्मत का काम किया जा रहा है। चीला में करीब 35 किलोमीटर के ट्रैक पर सैकड़ों मजदूर काम कर रहे हैं। वहीं मोतीचूर रेंज में भी ट्रैक को दुरुस्त किया जा रहा है।
रानीपुर ट्रैक पर राउंड में घूमेंगे सैलानी
इस बार सैलानी चीला की तर्ज पर रानीपुर गेट सैलानी वाहनों से राउंड में घूमेंगे। रेंजर डीपी उनियाल का कहना है कि इस बार सैलानी सुरेश्वरी देवी मंदिर वाले गेट से पार्क में हाथी मार्ग से प्रवेश करेंगे। जो रावली, छिड़क, हरनौल, बेरीवाड़ा पहुंची वापसी में उन्होंने बताया कि आने जाने का पूरा ट्रैक दो किलोमीटर का है। सैलानी रानीपुर स्थित हाथीमार्ग के रास्ते से सुरेेशीश्वरी देवी, रावली छिड़क, के रास्ते इस मार्ग से जाएंगे।
बेरीवाड़ा, हरनौल, रावली होते रानीपुर के मुख्य गेट से वापस आएंगे। उन्होंने बताया कि पार्क प्रशासन की ओर से मार्ग को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। रानीपुर से बेरीवाड़ा में सैलानियों को टाइगर ज्यादा दिखते हैं। जबकि चीला में नीलगाय, सांभर, जड़ाव, हिरन, जंगली सुअर, मोर, तरह-तरह की चिड़ियाएं मिलती हैं।
नहीं हो पाया प्रचार-प्रसार
राजाजी के टाइगर की वेबसाइट में चीला और मोतीचूर के अलावा रानीपुर का नाम नहीं है। ऐसे में सैलानी भी चीला और मोतीचूर ही आते हैं। वहीं पार्क प्रशासन की ओर से प्रचार के अन्य साधनों के लिए सरकार के आदेश का इंतजार है। रानीपुर गेट पर भी पार्क की ओर से प्रचार प्रसार नहीं किया गया है।
इनका कहना है
चीला में ट्रैक की मरम्मत का काम अंतिम चरणों में है। रेंज कार्यालय के आसपास रंगाई पुताई काम पूरा कर लिया गया है। उम्मीद यह है कि इस साल अधिक से अधिक सैलानी आएंगे।
सुभाष घिल्डियाल, रेंजर चीला