हरिद्वार। तीन दिन (एक जून) से लंढौरा प्रकरण पर चल रहा भाजपा का विरोध और गिरफ्तारी प्रदर्शन शनिवार को रोचक हो गया। पुलिस ने लंढौरा जा रहे सांसद निशंक के काफिले को पहले बहादराबाद और उसके बाद शांतरशाह के पास रोकने की तैयारी की गई थी लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। काफिला सराय गांव से होते हुए देहात के बीच से लंढौरा कस्बे से तीन किमी पीछे शाम करीब छह बजे रणसुरा गांव तक जा पहुंचा। देर शाम तक कार्यकर्ता लंढौरा जाने की जिद्द पर गांव में बैठे रहे।
शनिवार शाम सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने डामकोठी पहुंचकर पहले पत्रकारों से वार्ता की उसके बाद कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर लंढौरा जानी की रणनीति बनाई। निशंक को रोकने के लिए एसपी सिटी नवनीत सिह भुल्लर डामकोठी पहुंचे। लेकिन निशंक ने स्पष्ट कहा कि वे वहां लोगों से शांति की अपील करने जा रहे हैं। पुलिस को उन्हें रोकना है तो रोक लें। उसके बाद पुलिस निशंक और उनके साथ चल रहे विधायकों व कार्यकर्ताओं को बहादराबाद व शांतरशाह में रोकने में जुट गई। सभी को उम्मीद थी कि निशंक का काफिला शिवालिकनगर होते हुए शांतरशाह से आगे बढ़ेगा लेकिन कुछ कार्यकर्ताओं की रणनीति से निशंक ने देहात के छोटे रास्तों को चुना और सीधे पुल जटवाड़ा से सराय ग्राम होते हुए बहादरपुर और ऐथल से लंढौरा की ओर निकल गए। पुलिस अधिकारी शांतरशाह पर उनका इंतजार कर रहे थे। काफी देर तक जब उनकी लोकेशन नहीं मिली तो अधिकारियों का माथा ठनक गया। वायरलेस और मोबाइल फोन खड़खड़ाए तो पता चला कि काफिला ऐथल के पास पहुंचने वाला है।
इस पर बहादराबाद, पथरी और लक्सर आदि थानों की पुलिस दौड़ी। लेकिन काफिले में शामिल वाहन तेजी से आगे बढ़ते गए। ऐथल से आगे पथरी पुलिस ने दो वाहन रुकवाकर सांसद के जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुंवर, प्रतिनिधि रतन सिंह चौहान, गजेंद्र चौहान, रविंद्र बेलवाल, सुभाष रावत, प्रकाश कोठारी, धर्मवीर गुसाईं आदि को गिरफ्तार कर लिया। पीछा करते हुए एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर व सीओ सदर जेपी जुयाल भी काफिले को रोकने का प्रयास करते रहे लेकिन उन्हें रोकने में सफलता रणसुरा गांव के पास मिली। गांव में निशंक और कार्यकर्ता आगे बढ़ने की जिद्द पर अड़े। लेकिन पुलिस ने किसी को आगे नहीं जाने दिया।
देर शाम तक पुलिस और कार्यकर्ताओं में नोकझोंक होती रही। गांव में सांसद निशंक के साथ विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, संजय गुप्ता, चंद्रशेखर भट्टेवाले, जिलाध्यक्ष सुरेश राठोर और रुड़की की जिलाध्यक्ष कल्पना सैनी, भाजपा प्रदेश सहमीडिया प्रभारी ओमप्रकाश जमदग्नि, अमन त्यागी, प्रदीप चौहान और मुनव्वर कुरैशी आदि शामिल रहे। पुलिस अधिकारी खुफियातंत्र के अधिकारियों को लेकर इस बात पर आंखें तरेरते रहे कि उन्हें पता भी नहीं चला और निशंक का काफिला इतनी दूर निकल गया।
कार्यकर्ताओं से संघर्ष का आह्वान
हरिद्वार। लंढौरा कूच करने से पहले सांसद निशंक ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर प्रदेश सरकार की गलत नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक उन्माद फैलाकर सरकार राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है। विकास के मुद्दे पर विफल प्रदेश सरकार जनता का ध्यान बंटाने के लिए लंढौरा जैसे प्रकरण कर रही है। इस दौरान जिलाध्यक्ष सुरेश राठौर ने जिला इकाई द्वारा किए जा रहे कार्यों की चर्चा की। बैठक में रुड़की की जिलाध्यक्ष कल्पना सैनी, विधायक स्वामी यतीश्वरानंद, आदेश चौहान, संजय गुप्ता, चंद्रशेखर भतट्टेवाले, पूर्व विधायक सुरेशचंद जैन, ऋषिपाल बालियान, चौधरी प्रहलाद सिंह, जिला मंत्री राकेश शर्मा, अमन त्यागी, पूनम झा, रीता चमोली, कुसुम चौहान सरोज जाखड़, शिवांगी त्रिपाठी, प्रेमचंद सैनी, चंदन चौहान, ऋषिपाल चौहान, पप्पू कश्यप, देवेंद्र प्रधान, आशु चौधरी आदि मौजूद रहे।