हरिद्वार। सरकारी अस्पतालों के डाक्टरों ने डायनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोगेशन (डीएसीपी) की मांग पर कोई कार्रवाई न होने पर तीसरे दिन भी दो घंटे का ओपीडी बहिष्कार कार्य जारी रहा। ओपीडी बहिष्कार के चलते मरीज 11 बजने का इंतजार करते रहे, लेकिन जिला अस्पताल में तीन मुख्य डाक्टर ओपीडी में नहीं बैठे। मरीज केवल तीन ओपीडी में ही लाइन लगाकर दिखाने को देर समय तक इंतजार करते रहे।
बुधवार को तीसरे दिन सरकारी अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टरों का सुबह नौ बजे से 11 बजे तक का ओपीडी कार्य बहिष्कार जारी रहा। जिला अस्पताल में बैठक करने के बाद 11 बजे से ओपीडी में इलाज शुरू किया, लेकिन अस्पताल के मुख्य डाक्टर हड्डी रोग विशेषज्ञ जेएस चुफाल ऑपरेशन ड्यूटी के चलते हुए ओपीडी में नहीं बैठे। डा. एके पालीवाल की भी ओपीडी नहीं चली। रेडियोलॉजिस्ट की ड्यूटी इमरजेंसी में होने के चलते हुए अल्ट्रासाउंड कार्य बाधित रहा। अस्पताल के केवल सर्जन डा. वीपी मौर्या एवं डा. नरेश जौहरी और डा. संदीप निगम की ओपीडी चली। जिनमें मरीजों की भारी भीड़ रही। मरीज ओपीडी में डाक्टरों को दिखाने को लेकर नंबर का इंतजार करते रहे। सेवा संघ के जनपद उपाध्यक्ष डा. संदीप निगम ने बताया कि शासन स्तर से उन्हें आश्वासन नहीं मिला है। जिसके चलते हुए उनका कार्य बहिष्कार बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगा। कार्य बहिष्कार में डा. शशिकांत, डा. भवानी पाल, डा. मनीष दत्त, डा. मनोज द्विवेदी, डा. एचके सिंह, डा. एसएन खान, डा. वीपी मोर्या, डा. नरेश जौहरी, डा. सुब्रत अरोड़ा, डा. निष्ठा गुलाठी, डा. मनोज उप्रेती आदि शामिल हुए।