हरिद्वार। यह पहला मौका होगा जब कांवड़ मेला शुरू होने से पहले हरिद्वार में न तो समीक्षा हुई और न इंटर स्टेट बैठक। राजधानी देहरादून में बैठे पुलिस के बड़े अफसर कांवड़ यात्रा से पूरी तरह से मुंह फेरे हुए हैं।
हरिद्वार से ही कांवड़ यात्रा का आगाज होता है। उत्तर भारत में कांवड़ यात्रा को बड़े मेले के तौर पर गिना जाता है। सबसे बड़ी बात ये है कि कानून व्यवस्था बिगड़ने का डर हर वक्त कांवड़ यात्रा में मंडराता रहता है। वहीं इस बार सांप्रदायिक फसाद के अंदेशे ने भी यूपी उत्तराखंड पुलिस की नींद छीनी हुई है। हरिद्वार में हर बार यूपी, हरियाणा, दिल्ली तक के उच्च पुलिस अफसर इंटर स्टेट बैठक में भाग लेते आते थे । इस बार इंटर स्टेट बैठक हुई ही नहीं। न ही देहरादून में बैठे किसी बड़े पुलिस अफसर ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की यहां आकर समीक्षा की। जबकि धर्मनगरी में होने वाले बड़े पर्व से पहले पुलिस के अधिकार सुरक्षा व्यवस्था, यातायात व्यवस्था और अन्य इंतजाम के लिए जरूरी दिशा निर्देश देते थे। इस बार ऐसा नहीं हुआ।
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कांवड़ मेले की तैयारियां चल रही है। जल्द ही मैं भी हरिद्वार पहुंचकर कांवड़ मेले की तैयारियों की संबंध में जानकारी लूंगा। रोजाना मेरी बातचीत कांवड़ की तैयारियों को लेकर हो रही है।
- संजय गुंज्याल, आईजी गढ़वाल रेंज