पहलवानों के मन के दर्द और पीड़ा है। कहा कि जब पहलवान अपनी बात पीएम नरेंद्र मोदी के सामने रखना चाहते थे तब उन्हें सड़कों पर घसीटा गया। उस दिन नए संसद का उद्घाटन हो रहा था। वहां से हटाने के बाद वह गंगा की शरण में आए थे।
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि पिछले दिनों गंगा में अपने मेडल विसर्जित करने के लिए आए पहलवानों के साथ मैं ही नहीं पूरा देश खड़ा है। कहा कि पहलवान देश की शान हैं। हरीश रावत बृहस्पतिवार शाम वीआईपी घाट पर कुश्ती पहलवानों को न्याय दिलाने के लिए मां गंगा से प्रार्थना के लिए पहुंचे।
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उन्होंने कहा कि पहलवानों के मन के दर्द और पीड़ा है। कहा कि जब पहलवान अपनी बात पीएम नरेंद्र मोदी के सामने रखना चाहते थे तब उन्हें सड़कों पर घसीटा गया। उस दिन नए संसद का उद्घाटन हो रहा था। वहां से हटाने के बाद वह गंगा की शरण में आए थे। लेकिन उन्हें कुछ लोगों ने समझाकर मेडल गंगा में बहाने से रोक दिया। हरीश रावत ने कहा कि वह प्रारंभ से ही पहलवानों के साथ हैं। कहा कि पहलवानों ने तिरंगे झंडे को विश्व में ऊंचा उठाने का काम किया है। उनके साथ यह बर्ताव उचित नहीं है।
पूर्व सीएम ने कहा कि सरकार को पहलवानों की बात सुननी चाहिए। उनकी व्यथा सुनकर समाधान करना चाहिए। आरोप लगाया कि सरकार आरोपी को संरक्षण देने का काम कर रही है। कहा कि कुछ युवाओं ने पहलवानों को इंसाफ दिलाने के लिए अभियान छेड़ा है। जिसे आगे बढ़ाया जाएगा। अभियान में अन्य लोगों को भी जोड़ा जाएगा।