शुक्रवार को जिला और मेला अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों पर भारी गुजरी। दोनों ही अस्पतालों में ओपीडी में डाक्टर नहीं मिले। मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। जिला अस्पताल में आठ ओपीडी में केवल चार ही चल सकी, जबकि मेला अस्पताल में 6 ओपीडी में से केवल एक ही में मरीजों की जांच हुई। सबसे ज्यादा परेशानी हड्डी के मरीजों को उठानी पड़ी।
जिला अस्पताल की सीएमएस डा. आरती ढोंढ़ियाल सात सितंबर तक अवकाश पर चलीं गई है। सीएमएस का चार्ज अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. ज्योति बोहरा पर है। शुक्रवार को अस्पताल के डा. जेएस चुफाल का ऑपरेशन का दिन था। लेकिन डा. ज्योति बोहरा ओपीडी के बजाय सीएमएस कार्यालय में बैठे रहे। इससे हड्डी के मरीज बिना जांच के लौटने के मजबूर रहे। कुछ मरीज मेला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास गए, लेकिन अवकाश पर होने के चलते हुए उन्हें भी निराश हाथ लगी। अस्पताल के ही हृदय रोग विशेषज्ञ डा. अनुपम चतुर्वेदी पिछले आठ दिनों से अवकाश पर हैं। इसके अलावा एक अन्य डाक्टर भी अवकाश पर थे। इससे मरीजों को देरी तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
अल्ट्रासाउंड कराने को रही भीड़
हरिद्वार। बृहस्पतिवार को रेडियोलॉजिस्ट के हड़ताल पर रहने पर शुक्रवार को भारी संख्या में मरीज अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पहुंचे। सबसे अधिक गर्भवती महिलाएं अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पहुंची। जिन्हें सुबह से दोपहर तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। जिला एवं मेला अस्पताल के अल्ट्रासाउंड केंद्रों में प्रतिदिन के मुकाबले दोगुना मरीज पहुंचे। सबसे पहले इमरजेंसी मामलों का पहले अल्ट्रासाउंड किया गया।