गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग के अध्यापकों की ओर से परिसर में नीम के पौधे लगाए।
विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शिवकुमार चौहान ने कहा कि आयुर्वेद में नीम औषधीय गुणों का खजाना है, जो प्रकृति के साथ व्यक्ति के सुखमय जीवन मे महत्वपूर्ण माना गया है। प्राचीन जीवन परिवेश से यह बुखार के साथ साथ बैक्टीरियल एवं फंगल इन्फेक्शन में कारगर औषधि रही है। डॉ. कपिल मिश्रा ने मुंह के बैक्टीरियल बैलेंस में नीम की भूमिका का जिक्र किया। डॉ. अनुज कुमार ने कहा कि नीम के पत्ते खाली पेट चबाने से शुगर एवं खून के शुद्धिकरण की अचूक दवा है। इस मौके पर सुनील कुमार, निकुंज यादव, अश्वनी कुमार, संतोष रॉय, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।