रविवार को नवमी के दिन देश के विभिन्न भागों से लाखों की संख्या में कांवडिए जल भरने के लिए पहुुंच गए। अब कांवड़ियों का आगमन और वापसी दो राजमार्गों पर होने लगी है। दोनों मार्गों पर लाखों का सैलाब उमड़ा हुआ है।
कांवड़ मेले के चरम काल में नवमी के दिन से द्वादशी तक भारी भीड़ उमड़ती है। इस समय यूपी के साथ-साथ दिल्ली और हरियाणा से भी बहुत बड़ी संख्या में जल भरने के लिए पहुंच रहे हैं। कांवड़ियों की भीड़ एकाएक इतनी बढ़ी है कि हरिद्वार से मेरठ और सहारनपुर की ओर जाने वाले मार्गों पर बार बार जाम लग रहा है। मुरादाबाद की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर तो मीलों तक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रबंध नहीं है। दोनों राजमार्गों पर स्थानीय पुलिस ही कहीं कहीं दिखाई पड़ रही है।
यात्रा मार्ग पर कोई भी सेवा शिविर नहीं है। कांवडिय़ों को रात में रुकने के लिए गांव, कस्बों और शहरों की धर्मशालाओं का सहारा लेना पड़ रहा है। रात के समय बंद पड़े बाजारों के बाहर शेड के नीचे कांवड़िए रात बिता रहे हैं। हरिद्वार नगरी में रोड़ी और बेलवाला मैदान कांवडिय़ों से खचाखच भरे पड़े हैं।