मेडिकल मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी।
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अब टीबी जांच के लिए अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्रों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जांच के लिए सुविधा युक्त मेडिकल मोबाइल वैन अपने क्षेत्र या गांव में आएगी। जांच में सामने आए संभावित बीमार मरीज को वैन स्टाफ के माध्यम से अस्पताल के लिए रेफर कर दिया जाएगा, जिसका प्राथमिकता के तौर पर इलाज शुरू हो जाएगा।
मंगलवार को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जनपद हरिद्वार की ओर से सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने राष्ट्रीय क्षय निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत मेडिकल मोबाइल सर्वे वैन का फ्लैग ऑफ किया। मोबाइल वैन के साथ केंद्र सरकार द्वारा एक टीम डॉ. अश्वनी यादव के नेतृत्व में क्षय रोग की व्यापकता सर्वेक्षण जनपद हरिद्वार के तीन ग्रामों सलेमपुर, भक्तनपुर एवं लंढौरा में करेगी। इसकी शुरुआत ब्लाक बहादराबाद के ग्राम सलेमपुर से की जाएगी। इस सर्वेक्षण में मेडिकल मोबाइल यूनिट बस में संभावित क्षय रोगियों का संपूर्ण परीक्षण किया जाएगा, जो उच्च तकनीकों जैसे सीबी नॉट, एक्सरे और ऑटो एनालाइजर से लैस है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सरोज नैथानी ने कहा कि प्रदेश सरकार वर्ष-2024 तक टीबी उन्मूलन के लिए वचनबद्ध है और इस तरह के सर्वेक्षण भविष्य की कार्ययोजनाओं को बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे। इस मौके पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अजय कुमार, विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिनिधि डॉ. विकास सब्बरवाल, अधीक्षक डॉ. कोमल, आईएमए हरिद्वार के अध्यक्ष डॉ. दिनेश सिंह, डीएमओ डॉ. गुरनाम सिंह, बीके गुप्ता, अनिल नेगी, राकेश गिरि, मौ. सलीम, सुशील कुमार, सरोप सिंह पोखरियाल व दिनेश पंत आदि शामिल हुए।