रेलवे स्टेशन के निकट खुली शराब की दुकान के खिलाफ चल रहा महिलाओं का आंदोलन आखिर रंग लाया। शराब की दुकान को स्टेशन से अम्बूवाला के खेतों में शिफ्ट कर दिया गया है। दुकान शिफ्ट होने के बाद महिलाओं ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया है।
पथरी रेलवे स्टेशन के समीप खुली शराब की दुकान के खिलाफ महिलाएं करीब एक महीने से आंदोलनरत थी। महिलाएं दुकान का हटाने की मांग को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहीं थी। इस दौरान महिलाओं की ठेका संचालक, विभागीय अधिकारियों और पुलिस से नोकझोंक भी हुई। आंदोलन बढ़ता देख हरिद्वार ग्रामीण विधायक स्वामी यतीशवरानंद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को समर्थन देना पड़ा था। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और विधायक की मौजूदगी में महिलाओं और ठेका संचालक के बीच हुई वार्ता में इस बात पर सहमति बनी थी कि शराब की दुकान को यहां से अम्बूवाला के खेतों में शिफ्ट किया जाएगा। शराब के ठेके को अब खेतों में शिफ्ट कर दिया गया है। दूसरी ओर बजरंग दल के जिला सह सुरक्षा प्रमुख जिवेंद्र तोमर, पूर्व प्रधान पल्टूराम, सुरेश चौहान, छोटा ठेकेदार, अंकित चौहान आदि ग्रामीणों ने चेताया कि कुछ लोग फिर से आबादी में शराब का ठेका खोलने की कोशिश में है। उनके यह इरादे पूरे नहीं होने दिए जाएंगे। हरिद्वार ग्रामीण विधायक स्वामी यतीशवरानंद का कहना है कि इस शराब के ठेके को निरस्त कराने के लिए शासन व आबकारी विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजा जा रहा है।