योग गुरु स्वामी रामदेव ने दुधारू पशुओं में फैल रही लंपी बीमारी के वायरस को मानव निर्मित होने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा है कि लंपी का वायरस पाकिस्तान से भारत पहुंचा है। लिहाजा वायरस की जांच होनी चाहिए। स्वामी रामदेव ने उत्तराखंड में मदरसों की जांच कराए जाने के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के फैसले को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि मदरसे सही हैं तो उनको डरना नहीं चाहिए।
सोमवार को भूपतवाला स्थित व्यास धाम में भागवत कथा के बाद पत्रकारों से बातचीत में स्वामी रामदेव ने कहा कि देश के कई राज्यों में लंपी संक्रमण तेजी से फैला है। इनमें उत्तराखंड भी शामिल है। संक्रमण से पशुओं की मौत हो रही है। रामदेव ने आशंका जताई कि यह वायरस मानव निर्मित है और पाकिस्तान से भारत आया है।
स्वामी रामदेव ने मौसमी बदलाव के साथ फैल रहे डेंगू का जिक्र करते हुए कहा कि पतंजलि ने डेंगू की रोकथाम के लिए रिसर्च किया है। इसमें गिलोय, एलोवेरा, वेदा ग्रास, अनार और पपीते का पंचामृत रामबाण है। रामदेव ने कहा कि उत्तराखंड में धार्मिक उन्माद और धर्मांतरण की बढ़ती घटनाएं चिंताजनक हैं। धामी सरकार इन पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठा रही है।
हरिद्वार वाले भी करें दान और तर्पण
स्वामी रामदेव ने कहा कि हरिद्वार वालों को भी श्राद्ध, तर्पण, गंगा स्नान और दान पुण्य करते रहना चाहिए। हरिद्वार वाले लेने के लिए ही नहीं, देने के लिए भी होने चाहिए। इसका मतलब यह हुआ कि तीर्थों में रहने वाले लोगों की भी तीर्थ में, श्राद्ध में तर्पण में, दान में और पुण्य में रुचि होनी चाहिए। पतंजलि में तो लोग खूब देते हैं। उसके लिए धन्यवाद।