हरिद्वार। रेल इंजन प्रकरण होने के बाद डीआरएम मुरादाबाद ने हरिद्वार रेलवे स्टेशन और ट्रैक का निरीक्षण किया। इस घटना के लिए उन्होंने लोको पायलट की गलती बताया। डीआरएम ने तत्परता से काम करने वाले रेलकर्मी पुरस्कृत होने की घोषणा की।
मंगलवार को डीआरएम (डिवीजनल रेल मैनेजर) मुरादाबाद ने रेलवे स्टेशन एक नंबर, चार नंबर प्लेटफार्म सहित पांच नंबर प्लेटफार्म से सटे यार्ड का निरीक्षण किया। डीआरएम ने कहा कि लोको पायलट की गलती के कारण इंजन इतनी दूर तक गया। पायलट बिना अनुमति के ही इंजन का संचालन करने लगा था। उन्होंने कहा कि हरिद्वार रेलवे स्टेशन से रेल इंजन के नजरों से ओझल होने के बाद रेल कर्मियों ने कंट्रोल रूम को तुरंत सूचना दी थी, जिस पर लक्सर से आगे तक के ट्रैक को खाली करा दिया गया था। उन्होंने बताया कि ट्रैक पर दौड़ रहे इंजन को गिराने की भी तैयारियां की गई थीं। कर्मचारियों की तत्परता से अनहोनी रोकने के प्रयास किए गए। इन कर्मचारियों को विभाग की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा। पायलट के खिलाफ जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान आरपीएफ के प्रभारी निरीक्षक संजीव राणा, टीआई गजेंद्र सिंह, सीपी सिंह, सहायक स्टेशन अधीक्षक जीएस परिहार, एमके सिंह आदि उपस्थित थे।
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कुंभ मेला के कामों का किया निरीक्षण
हरिद्वार। डीआरएम ने अर्द्धकुंभ मेला से संबंधित कामों का निरीक्षण किया। साथ ही बैशाखी और दूसरे स्नानों पर आनी वाली भीड़ को लेकर झंडा मैदान, रेलवे स्टेशन पर स्थित फुटओवर ब्रिज का निरीक्षण किया। भीड़ बढ़ने पर आने जाने वाले रास्तों को लेकर आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि जीआरपी की ओर से एक-दो स्थानों पर भीड़ बढ़ने पर यात्रियों को बाहर निकालने के लिए रास्ता खोलने की मांग की है जिसे दिखवाया जा रहा है।