हरिद्वार। उत्तरी खंड गंगनहर की जलवहन क्षमता बढ़ाने के लिए नवनिर्मित मायापुर लिंक चैनल का लोकार्पण सोमवार को उत्तर प्रदेश के काबीना मंत्री शिवपाल सिंह यादव करेंगे। इससे गंगनहर वर्तमान जलवहन क्षमता 10 हजार 500 क्यूसेक से बढ़कर 14 हजार 500 क्यूसेक हो जाएगी।
उत्तरी खंड गंगनहर रुड़की, उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सीबी यादव ने बताया कि मायापुर लिंक चैनल निर्माण का कार्य वर्ष 2012 में प्रारंभ हुआ था। इसके निर्माण पर लगभग 82 करोड़ रुपये खर्च हुए। मायापुर से ज्वालापुर तक लगभग 6 किलोमीटर नहर का चौड़ीकरण का कार्य पहले ही पूरा करा लिया गया था। उन्होंने बताया कि गंगनहर की जलवहन क्षमता बढ़ने से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि उत्तराखंड और राजधानी दिल्ली को भी फायदा होगा। इससे उत्तराखंड के तीन जल विद्युुत परियोजनाएं जुड़ी हैं। अतिरिक्त जल मिलने से पथरी पावर हाउस और आसफनगर के नीचे के दो पावर हाउसों में विद्युत उत्पादन बढ़ेगा। वहीं दिल्ली को भी अतिरिक्त पानी मिलेगा और उत्तर प्रदेश को 4000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी में मिलने किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त पानी मिलेगा।
--------------
उत्तराखंड की जमीन पर बना लिंक चैनल
उत्तर प्रदेश ने अपनी दादागिरी से उत्तराखंड सिंचाई विभाग के नाम दर्ज भूमि पर मायापुर लिंक चैनल का निर्माण किया है। दोनों राज्यों के बीच परिसंपत्तियों का बंटवारा होने तक सुप्रीमकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने का आदेश भी दे रखा था। इसके बावजूद यूपी ने मायापुर लिंक चैनल का निर्माण कराया। सिंचाई खंड हरिद्वार के तत्कालीन अधिशासी अभियंता पुरुषोत्तम ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को सुप्रीमकोर्ट की अवमानना कर किए जा रहे निर्माण को रुकवाने के लिए लिखा परंतु उत्तर प्रदेश के ठेकेदार की धमक के आगे सभी ने नतमस्तक होकर काम पूरा कराने में सहयोग किया।