हरिद्वार। कनखल के बसंत विहार फेज दो (जमालपुर कलां) में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ कालोनीवासियों ने ही कर डाला। कालोनीवासियों ने आपत्तिजनक स्थिति में चार युवकों एवं दो कालगर्ल को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। एक कालोनीवासी की ही शिकायत पर देह व्यापार एक्ट के तहत सभी की गिरफ्तारी कर ली गई।
सोमवार की देर रात बसंत विहार फेज दो के कालोनीवासी बड़ी संख्या में एकत्र हुए और धड़धड़ाते हुए एक घर में घुस गए। आरोप है कि घर में चार युवक एवं दो युवतियां आपत्तिजनक स्थिति में थे। मौके पर शक्तिवर्द्धक दवाइयां और कुछ आपत्तिजनक सामग्री भी मिली। कालोनीवासियों की सूचना पर कनखल पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस युवकों एवं युवतियों को थाने ले आई। कालोनीवासी परमिल पुत्र काशीराम ने सभी के खिलाफ देह व्यापार एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
थानाध्यक्ष रितेश शाह ने बताया कि युवकों के नाम सुमित निवासी गांव भोगपुर लक्सर, अभिषेक तोमर निवासी गंगोत्री स्ट्रीट, विष्णुगार्डन कनखल, अंकुर निवासी 199/2 आर्यनगर कालोनी, ज्वालापुर एवं शिवम बंसल निवासी मोहल्ला कोटरावान, सिटी गारमेंटस के पास ज्वालापुर है। जबकि युवतियों में से एक कनखल और दूसरी अल्मोड़ा की रहने वाली है। थानाध्यक्ष ने बताया कि सेक्स रैकेट संचालिका फरार होने में कामयाब हो गई। उसकी तलाश की जा रही है।
ये है युवकों का प्रोफाइल
हरिद्वार। अवैध देह व्यापार के मामले में हत्थे चढ़े तीन युवक संपन्न घराने से ताल्लुक रखते हैं। बीबीए कर चुके अभिषेक के पेशे से डॉक्टर पिता खन्नानगर में कार्यरत हैं। 12वीं तक पढ़े लिखे शिवम के पिता की ज्वालापुर में जूस की दुकान है। बीबीए पास अंकुर के पिता ऋषिकेश में एक बैंक में अधिकारी हैं। इन सभी के परिजन थाने में ही डटे हुए थे और अपने अपने लाडलों को निर्दोष बता रहे थे।
बेटी को भी उतारा जिस्मफरोशी के धंधे में
हरिद्वार। सेक्स रैकेट संचालिका का यह पुराना धंधा है। इस बार पुलिस के हत्थे चढ़ी दो युवतियों में से एक उसी की ही सगी बेटी है। यह जानकर पुलिस भी हैरत में पड़ गई। तीन युवकों के अलावा गिरफ्त में आया सुमित भी उसी का ही दामाद है और खनन के धंधे से जुड़ा है।
दोस्तों को पैरवी करनी पड़ी महंगी
हरिमद्वार। अपने दोस्तों को भीड़ से छुड़ाने आना चार युवकों को भी महंगा पड़ा। भीड़ ने उन्हें भी पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। वे भी रात भर हवालात में ही रहे। फिर पुलिस ने मंगलवार सुबह उनके परिजनों को बुलाया और डांट डपट के बाद उनकी सुपुर्दगी में दे दिया।