राज्य हो या केंद्र, सरकारी सिस्टम कैसे काम करता है इसकी एक बानगी एनआरएचएम के करोड़ों रुपये के दवा घोटाले से एक बार फिर सामने आई है। भ्रष्टाचार संबंधी इस प्रकरण में प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश पर उत्तराखंड के एक प्रमुख सचिव के खिलाफ केंद्र सरकार के पर्सनल पब्लिक ग्रीवेंस एंड पेंशन विभाग ऑफ पर्सनल ट्रेनिंग के अनुसचिव केसी राजू ने उत्तराखंड के पर्सनल विभाग के संयुुक्त सचिव अतर सिंह को कार्रवाई करने के लिए पत्र भेजा है। आखिर कनिष्ठ अधिकारी अपने वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ कैसे कार्रवाई करेगा इस व्यवहारिक तथ्य को नहीं समझा गया। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार भी मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
वर्ष 2010 में रुड़की के सिविल अस्पताल के पीछे एक्सपायरी दवाइयां नाले में पड़ी मिली थी। यह दवाइयां एनआरएचएम के अंतर्गत मरीजों को बांटने के लिए लाई गई थी लेकिन, बांटी नहीं गई थी। उसके बाद यह रखे-रखे एक्सपायर हो गई थी। मामले में प्राथमिक स्तर पर भारी भरकम घोटाले की बात सामने आई थी। लंबे समय से चल रहे इस मामले में पहले राज्य सूचना आयोग ने सीबीआई जांच के आदेश दिए। सीबीआई ने जांच शुरू करने से पहले राज्य सरकार को मुकदमा दर्ज कराने के लिए लिखा था। सीबीआई स्वयं भी मुकदमा दर्ज करा सकती थी लेकिन, उसने इसकी जिम्मेदारी राज्य के उन्हीं आला अफसरों को दे दी जिनके खिलाफ करोड़ों के दवा घोटाले में जांच और कार्रवाई की जानी है लेकिन, अधिकारियों ने अभी तक भी इस मामले को दबाकर रखा हुआ है। जिसकी वजह से मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
जबकि इसके लिए मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव भी कई बार चिकित्सा विभाग को लिख चुके हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त राज्य के बड़े अफसरों के खिलाफ नहीं होने पर राष्ट्रीय सूचना अधिकार जागृति मिशन के अध्यक्ष रमेश चंद्र शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भ्रष्टाचार खत्म करने की घोषणा से प्रभावित होकर 26 मई को उन्हें एनआरएचएम के करोड़ों रुपये दवा घोटाले की सीबीआई से तत्काल जांच शुरू कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग के साथ घटनाक्रम का लिखकर भेजा था। इस पर प्रधानमंत्री के अनुसचिव एलपी शर्मा ने सात जून को राज्य प्रमुख सचिव के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए केंद्र के पर्सनल एंड ट्रेंनिग विभाग के अनुसचिव एसपीआर त्रिपाठी ने दो नवंबर को प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश का हवाला देते हुए आदेश पत्र भेजा था। इस पर पर्सनल विभाग के अनुसचिव केसी राजू ने प्रमुख सचिव के अधीनस्थ जूनियर अधिकारी को अपने सीनियर आईएएस अधिकारी के खिलफ कार्रवाई करने के लिए पत्र भेज कर इतिश्री कर दी।