हरिद्वार। दिव्य प्रेम सेवा मिशन की ओर से अर्द्धकुंभ मंथन के अंतर्गत आयोजित व्याख्यान माला के समापन पर मुख्य वक्ता राष्ट्रवादी विचारक डा. कुसुमलता केडिया ने ‘विश्व शांति एवं जेहादी मानसिकता’ विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि जेहादी मानसिकता भोग विलासियों की गुमराह सोच है। जेहाद में मरने वालों को जन्नत में भोग विलास और हूरों के सपने दिखाने वाले कट्टरपंथियों की देन है। उन्होंने सेक्युलरिस्टों से राहुल सांस्कृत्यान की पुस्तकें पढ़ने का अनुरोध किया। जिससे वे भारत के विषय में सही-सही जानकारी प्राप्त कर सकें।
मुख्य अतिथि प्रेम शुक्ला ने कहा कि 1970 तक जेहादी मानसिकता और जेहाद का जिक्र तक सुनने को नहीं आता था। जब से पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतें बढ़ी और भारत से रोजगार पाने भारत का मुसलमान अरब देशों को जाने लगा तब से वहां की रूढ़िवादी कट्टरपंथी सोच को भारत में फैलाने का काम इन लोगों के माध्यम से भारत में किया जाने लगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए हरिद्वार के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि दिव्य प्रेम सेवा मिशन ने कुंभ मंथन के नाम से जो विचारों की गंगा बहाई है उससे अमृत रूपी स्वस्थ विचारधारा जरूर निकलेगी। उन्होंने कहा कि भारत पूरे विश्व को अपना परिवार मानता है। यह सोच उन लोगों के लिए एक प्रेरणा है जो धर्म के आधार पर मानवता की हत्या कर जन्नत मिलने की बात करते हैं।
व्याख्यान माला के अंतिम दिन पधारे विशिष्ट महानुभावों का स्वागत दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष आशीष गौतम, संयोजक संजय चतुर्वेदी ने किया। संचालन श्वेतांक त्रिपाठी, रोहन सहगल ने किया। इस अवसर पर आचार्य पवन त्रिपाठी, संघ के प्रचारक वीरेंद्र, कुंवर बृजेश सिंह, अनिरूद्ध भाटी, ओमप्रकाश जमदग्नि, कुसुम गांधी, राजेंद्रनाथ गोस्वामी, दीपांशु विद्यार्थी, संजय चौहान, बालकृष्ण शास्त्री, जितेंद्र सिंह सोमवंशी सहित सैकड़ों प्रतिनिधि उपस्थित थे।