खनन में पुलिस की मिलीभगत की शिकायतों पर डीजीपी ने जांच बैठा दी है। एसपी क्राइम शाहजहां जावेद अंसारी ने बुधवार को मातृसदन पहुंचकर ब्रह्मचारी दयानंद के बयान दर्ज किए। मातृसदन ने सुबूत के तौर पर कुछ फोटोग्राफ और दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे हैं। मामले में पथरी, लक्सर और श्यामपुर पुलिस की भूमिका जांच की जद में है।
जनपद में खनन को लेकर पुलिस व प्रशासन की कार्यशैली अक्सर सवालों के घेरे में रहती है। पुलिस व तहसील के अधिकारी कर्मचारियों पर मिलीभगत के आरोप भी सामने आते रहते हैं। पिछले दिनों मातृसदन को पथरी व भोगपुर क्षेत्र में खनन और क्रशिंग की सूचना मिली थी। मातृसदन को यह भी बताया गया था कि चौकी प्रभारी से लेकर सीओ स्तर के अधिकारी भी यहां मौजूद हैं। इस पर मातृसदन ने डीएम व एसएसपी को तत्काल शिकायत की थी। साथ ही पुलिस पर खनन व क्रशिंग माफिया से मिलीभगत व भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए डीजीपी उत्तराखंड को भी चिट्ठी भेजी थी। डीजीपी एमए गणपति ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए जांच बैठा दी है। बुधवार को एसपी क्राइम शाहजहां जावेद अंसारी ने बतौर जांच अधिकारी मातृसदन पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई। शिकायतकर्ता ब्रह्मचारी दयानंद के बयान दर्ज किए गए। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद महाराज ने भी इस संबंध में कई जानकारियां जांच अधिकारी को दी। वहीं शिकायत से जुड़े दस्तावेज और फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराए हैं।