आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने बारिश-ओलावृष्टि नुकसान का तत्काल आकलन करने को कहा
- शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे हुई तेज गति की बारिश के साथ गिरे थे ओले
माई सिटी रिपोर्टर
हरिद्वार। प्रदेश में नौ अक्तूबर को हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। पंचायती राज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने इस क्षति को गंभीरता से लिया है। उन्होंने आपदा एवं पुनर्वास विभाग के सचिव को तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कैबिनेट मंत्री के इस निर्देश से जिले के किसानों को राहत की उम्मीद जगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार की बारिश से पके हुए धान के फसल, नकदी सब्जियों की खेती बर्बाद हो गई है।
कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्थलीय सर्वेक्षण कर रिपोर्ट देना है। इसमें फसलों के नुकसान के साथ पशुधन, आवास और अन्य परिसंपत्तियों की क्षति का भी आकलन किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रभावितों की वास्तविक स्थिति का पता लगाना है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों और अन्य पीड़ितों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने को कहा गया है।
उन्होंने नुकसान का सही आकलन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। सर्वेक्षण और आकलन प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो इसके लिए विशेष रूप से निर्देश दिए हैं। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित किसानों और अन्य पात्र व्यक्तियों को मुआवजा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। यह कार्रवाई शासन के प्रचलित नियमों और निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। इसे प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि राहत वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। वास्तविक प्रभावितों तक सहायता पहुंचने में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए।