देवसंस्कृति विवि के प्रतिकुलपति यूएन महासभा में हुए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिद्वार। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति चिन्मय पण्ड्या ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल वीक में भाग लिया। उन्होंने इस वैश्विक आयोजन में शांति, मानवता और आध्यात्मिक चेतना जैसे विषयों पर संवाद किया। यह भागीदारी दुनिया के राष्ट्राध्यक्षों और उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुई।
अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि पण्ड्या ने कहा कि दुनिया कई चुनौतियों से जूझ रही है। इन चुनौतियों के समाधान के लिए तकनीकी और आर्थिक विकास के साथ मानवीय संवेदनाएं भी जरूरी हैं। उन्होंने नैतिक मूल्यों और आपसी विश्वास को मजबूत करने पर जोर दिया। डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने भारतीय संस्कृति की उस जीवन-दृष्टि को साझा किया जो पूरी मानवता को एक परिवार मानती है।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह दृष्टि शांति और सद्भाव को जीवन का आधार मानती है। संयुक्त राष्ट्र महासभा का हाई-लेवल वीक वैश्विक चुनौतियों पर विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच है। यहां अंतरराष्ट्रीय सहयोग के विभिन्न मुद्दों पर प्रमुख नेताओं ने अपने विचार रखे। डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ विश्वशांति के लिए आध्यात्मिक चेतना की भूमिका पर चर्चा की।
डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि उनकी यह सहभागिता युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी शर्मा के विचारों को वैश्विक मंच पर ले गई। इन विचारों में मानव-एकता, विश्वबंधुत्व और सद्भाव प्रमुख हैं। गायत्री परिवार इसे भारतीय संस्कृति की जीवनदृष्टि को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास मानता है। यह मानवता के कल्याण और विश्वशांति के लिए वसुधैव कुटुम्बकम् के सिद्धांत को बढ़ावा देता है।