बीएचईएल स्थित सभागार में तीन दिन तक चलने वाले पीठासीन और मतदान अधिकारियों के प्रशिक्षण में पहले दिन 20 पीठासीन व 10 मतदान अधिकारियों नदारद रहे। मुख्य विकास अधिकारी ने नदारद रहने वालों को 20 और 21 जनवरी को होने वाले प्रशिक्षण में उपस्थित होने के निर्देश दिए। शामिल नहीं होने पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए बीएचईएल सभागार में पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारियों को मास्टर ट्रेनरों प्रशिक्षण दिया। मुख्य विकास अधिकारी डा. मेहरबान सिंह बिष्ट ने कहा कि रूट चार्ट और बूथ चार्ट पर विशेष ध्यान दिया जाए। पीठासीन अधिकारी की डायरी का गहनता से अध्ययन कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारी यदि शुक्रवार और शनिवार के प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए तो उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। प्रशिक्षण प्रभारी डा. राजेश उपाध्याय और अखिलेश शुक्ला ने पीठासीन अधिकारियों व मतदान अधिकारी प्रथम द्वारा किए जाने वाले कार्यों व ईवीएम, वीवी पैट के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान मॉकपोल एवं क्लोज, रिजल्ट, क्लीयर (सीआरसी) के बारे में भी जानकारी दी गई। रानीपुर विधानसभा में प्रथम बार वीवी पैट का भी इस्तेमाल किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान एडीएम डा. ललित नारायण मिश्रा, डा. नरेश चौधरी आदि उपस्थित थे।