रेलवे के निजीकरण के विरोध में सीटू कार्यकर्ता उतर आए। कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन परिसर में केेंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी की। इस दौरान सीटू जिला अध्यक्ष पीडी बलूनी ने कहा कि केंद्र सरकार अपना घाटा पूरा करने के लिए सार्वजनिक संस्थानों को औने पौने दामों में उद्योगपतियों को बेच रही है।
रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन करते हुए पीडी बलूनी ने कहा कि निजीकरण नीति के तहत केंद्र सरकार 109 रेल गाड़ियों का संचालन निजी क्षेत्र को सौंपने जा रही है। इसके पहले केंद्र सरकार रेलवे में बिजली, सिग्नल, रोलिंग, निर्माण व मरम्मत से संबंधित कार्यों में सौ फीसदी विदेशी पूंजी निवेश को हरी झंडी दिखा चुकी है।
उन्होंने कहा कि रेलवे का निजीकरण केवल रेल कर्मचारियों से संबंधित नहीं है। बल्कि इस फैसले का पूरे देश पर दूरगामी असर होगा। आम नागरिकों व गरीब मजदूर वर्ग इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होगा। आरपी जखमोला ने कहा कि न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, अर्जेंटिना आदि कई देशों में रेलवे के निजीकरण के दुष्प्रभावों के चलते जनता के दबाव में सरकारों को पुन: रेलवे का राष्ट्रीयकरण करना पड़ा। केंद्र सरकार को रेलवे के निजीकरण के फैसले को तुरंत वापस लेना चाहिए। प्रदर्शन करने वालों में इमरत सिंह, एमपी जखमोला, अशोक चौधरी, आरसी धीमान, वीरेंद्र सिंह, डीपी रतूड़ी, उदयवीर सिंह, कय्यूम खान, हरीशचंद्र, राजकुमार, अनिल कुमार, आजाद, नवीन, धर्मपाल, रविंद्र, राजीव कुमार, मक्कू राम आदि शामिल रहे।