शहर की सफाई व्यवस्था एक बार फिर पटरी पर उतर सकती है। केआरएल कंपनी के कर्मचारियों ने सोमवार से कार्य बहिष्कार कर गैराज में धरने पर बैठने की चेतावनी दी है। कर्मचारियों का आरोप है कि चार माह से वेतन ना मिलने के कारण आर्थिक संकट गहरा गया है।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस ने बुधवार को निगम परिसर स्थित कार्यालय में बैठक की। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र तेश्वर ने बताया कि केआरएल कर्मचारियों को चार माह से वेतन नहीं मिला है। कंपनी प्रबंधन भुगतान के नाम पर लगातार कर्मचारियों को कोरे आश्वासन दे रहा है। उन्होंने कहा कि हाल यह है कि कर्मचारियों के पास घर का राशन जुटाने के रुपये नहीं बचे हैं। संगठन के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र श्रमिक ने कहा कि जहां कोविड महामारी को देखते सरकार ने अति आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों का समय पर वेतन जारी करने के निर्देश दिए हैं। वहीं कंपनी प्रबंधन सरकार के निर्देशों का सीधे तौर उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने कहा मौजूदा स्थिति में कर्मचारियों के पास कार्यबहिष्कार ही एकमात्र विकल्प है। उन्होंने कहा कि यदि रविवार तक कर्मचारियों को वेतन जारी नही होता तो सोमवार को सभी कर्मचारी काम बंद कर धरने पर बैठ जाएंगे।
----------
नगर निगम ने बीते तीन माह कंपनी को कूड़ा उठान शुल्क का भुगतान नहीं किया है। निगम पर कंपनी के करीब 54 लाख बकाया है। भुगतान प्राप्त होते ही कर्मचारियों को वेतन जारी कर दिया जाएगा।
- सुखबीर सिंह, प्रबंध निदेशक, केआरएल वेस्ट मैनेजमेंट
----------------
नगर निगम के अधिकारी मामले को अधर में लटका रहे हैं। कंपनी को दूसरे शहरों के अनुसार कूड़ा उठान शुल्क और नियमित भुगतान किया जाएगा। यदि अधिकारी कंपनी की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं है तो कंपनी के साथ अनुबंध समाप्त किया जाए। मैंने पिछले साल ही कंपनी के साथ अनुबंध निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए थे। तब भी शहरी विकास मंत्री ने कंपनी को अभयदान दे दिया था।
-अनीता शर्मा, मेयर
--------------
कंपनी को भुगतान क्यों नहीं जारी किया गया इसकी जानकारी ली जा रही है। मामले का संज्ञान लेने के बाद कार्रवाई की जाएगी। दूसरे विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है।
- शैलेंद्र सिंह नेगी, प्रभारी नगर आयुक्त