हरिद्वार पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को पीने का पानी नसीब नहीं होता है। प्यास लगने पर बोतल बंद पानी खरीदना पड़ता है। कुंभ में मेेेला क्षेत्र में लगाए गए अधिकतर वाटर पोस्ट बंद पड़े हैं। सार्वजनिक नलों में कहीं टोंटी टूटी तो कहीं नल सूखे हैं। चारधाम यात्रा शुरू होने वाला है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी है।
हरिद्वार में हजारों श्रद्धालु रोजाना आते हैं। चारधाम यात्रा सीजन में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। यात्रियों की सबसे पहली जरूरत पेयजल होता है। स्थानीय प्रशासन, नगर निकाय और सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों की ओर से यात्रियों के लिए पेयजल की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। मेला क्षेत्र और बाजारों में प्याऊ और वाटर पोस्ट लगाए गए हैं, लेकिन देखरेख के अभाव में बदहाल हैं। कई वाटर पोस्ट पर अतिक्रमण है तो कहीं पानी का कनेक्शन ही बंद हो गए हैं। कई वाटर पोस्ट की पानी को ठंडा करने की मशीन खराब है। कुंभ मेेेला के दौरान शिवमूर्ति, ललतारो पुल, सिटी पोस्ट ऑफिस, सीसीआर टॉवर के पास, बिरला घाट के पास कई वाटर पोस्ट लगाए गए थे। अधिकतर वाटर पोस्ट बंद हो हुए हैं। संवाद
बस स्टैंड पर भी नहीं सुविधा
धर्मनगरी के बस अड्डे से प्रतिदिन हजारों यात्री आवाजाही करते हैं। यहां पर भी पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। परिसर में टंकियां लगी हैं। लेकिन किसी की टोंटी टूटी है तो कहीं सूखी हैं। स्टेशन के बाहर अवैध वेंडर पानी बेचते हैं।
विभागों ने झाड़ा पल्ला
खराब वॉटर कूलरों को सहीं करवाने के लिए कोई तैयार नहीं है। जल निगम और जल संस्थान के अधिकारी पल्ला झाड़ रहे हैं। दोनों विभागों के अधिकारियों का कहना कि वॉटर कूलर उनके नहीं हैं। वॉटर कूलर खराब होने से खामियाजा श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ रहा है।
- कुंभ में जल निगम ने अस्थायी वाटर कूलर लगाए थे। मेला खत्म होते ही उनको हटा लिया था। जो अभी तक लगे हैं वह जलसंस्थान की तरफ से लगाए गए थे।
- मो मीसम, अधिशासी अभियंता, जलनिगम
- जल संस्थान की तरफ से कोई वाटर कूलर नहीं लगाए गए थे। सभी जलनिगम की तरफ से लगाए गए थे।
- मदन सैन, जलसंस्थान, अधिशासी अभियंता