हरिद्वार। हरिद्वार-दिल्ली हाईवे से सटी हरिलोक कालोनी में बिजली कर्मचारी बनकर एक घर में घुसे तीन बदमाशों ने परिवार के लोगों को बंधकर बनाकर दस लाख के जेवर लूटकर ले गए। बदमाश घटना को अंजाम देकर आराम से फरार होने में कामयाब रहे। लूट की सूचना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटनास्थल के पास ही एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में लुटेरों के चेहरे कैद हुए हैं। ज्वालापुर पुलिस और एसओजी घटना के खुलासे में जुट गई है।
ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र की हरिलोक कालोनी के मकान संख्या एल-105 में गुड़िया बेगम पत्नी सूफी गुलजार रहती हैं। रविवार को दोपहर करीब एक बजे घर कॉल बेल बजी। मुख्यद्वार पर पहुंची गुड़िया बेगम ने झांककर देखा तब बाहर मौजूद रहे तीन युवकों में से एक युवक बोला कि वे बिजली विभाग के कर्मचारी है और मीटर चेक करना है। महिला ने मीटर के घर के बाहर ही होने की बात कही। युवक बोले कि हरिलोक कालोनी में बिजली के बिल अधिक आ रहे है, इसलिए पूरे घर में लगे उपकरण चेक करने होंगे। महिला ने दरवाजा खोल दिया। घर के अंदर दाखिल होने के बाद लुटेरों ने गुड़िया बेगम, उसकी भांजी नसरीन और छह वर्ष की बेटी सोनी को बंधक बना लिया। बच्ची की गर्दन पर बड़ा छुरा रखकर जेवरात उतारकर देने को कहा। महिला ने तुरंत जेवरात उतारकर दे दिए। फिर अंदर कमरे में अलमारी में रखे जेवरात भी लुटेरों ने कब्जे में ले लिए। कपड़े से महिला, उसकी बेटी और भांजी को बांध दिया और कमरे में बंदकर चले गए। जैसे तैसे महिला ने अपने को बंधन मुक्त किया और बाहर आकर पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। एसपी देहात परमेंद्र डोबाल, सीओ सदर जेपी जुयाल, कोतवाली प्रभारी धीरेंद्र सिंह रावत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस पड़ताल में सामने आया कि घटनास्थल से फलांग भर की दूरी पर एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में तीनों लुटेरों के चेहरे कैद हुए हैं। पहले एक लुटेरे पहुंचा था और फिर पीछे पीछे दो लुटेरे आए थे। बकौल, पीड़िता की लुटेरों की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच थी।
सीओ सदर जेपी जुयाल ने बताया कि एसओजी और ज्वालापुर पुलिस को जल्द घटना के खुलासे की जिम्मेदारी दी गई है।
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