विजन के साथ मिशन को आगे बढ़ाना हिंदी पत्रकारिता की शुरूआत से ही पहचान है। अखबार की विश्वसनीयता आज भी सबसे ज्यादा है। हिंदी पत्रकारिता को कोई भी नकार नहीं सकता। सकारात्मक पत्रकारिता आज की जरूरत है।
पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने सोमवार को प्रेस क्लब सभागार में हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि यह बात कही।
उन्होंने कहा कि विश्वसनीयता हासिल करने के लिए साहस होना चाहिए। जिसकी शुरूआत करीब दो सौ वर्ष पूर्व हिंदी पत्रकारिता के साथ हुई। कहा कि पत्रकारिता में संवेदनशीलता व जवाबदेही जरूरी है। पिछले चार दशक में काफी परिवर्तन आया है। अवसर के साथ चुनौतियां भी बढ़ी हैं। चुनौतियों का सामना करने के लिए पत्रकारों को समय के साथ दौड़ना पड़ेगा।
मुख्य वक्ता अक्कू श्रीवास्तव ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता में लगातार मजबूती आई है। चुनौतियां भी बढ़ी हैं। कहा कि पत्रकारिता में आने वाले छात्रों को समाचार संकलन करने वाले पत्रकारों को हमेशा सामान्य ज्ञान से परिपूर्ण रहना चाहिए। गुरुकुल कांगड़ी विवि, देवसंविवि एवं उत्तराखंड संस्कृत विवि में पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले तीन मेधावी बच्चों को मुख्य अतिथि ने स्वर्णपदक के साथ प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। अध्यक्षता निरंजनी अखाड़ा के महंत दिगंबर रधुवन ने की। प्रेस क्लब अध्यक्ष श्रवण कुमार झा एवं महासचिव अश्वनी अरोड़ा ने बुके देकर स्वागत किया। इस दौरान सुनीलपाल, डॉ. मनोज सोही, संजय आर्य, राहुल वर्मा, डॉ रजनीकांत शुक्ल, गोपाल रावत, बृजेंद्र हर्ष, दीपक नौटियाल, राजेंद्र नाथ गोस्वामी समेत कई पत्रकार मौजूद रहे।