गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी 26 अप्रैल को बाबा रामदेव की पतंजलि योग पीठ आएंगे। मोदी यहां पर बाबा के आचार्यकुलम उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।
राजनीतिक दल बनाने की ओर बढ़ रहे बाबा ने अपने संन्यास दिवस और आचार्यकुलम उद्घाटन कार्यक्रम को एक दिन रखने के बजाए अब अलग-अलग कर दिया है। नरेंद्र मोदी की स्वीकृति मिल जाने के बाद बाबा के प्रस्तावित राजनीतिक दल की घोषणा कुछ दिन टल सकती है।
बाबा रामदेव पहले रामनवमी के दिन 19 अप्रैल को अपना संन्यास दिवस मनाते हुए राजनीतिक विकल्प की घोषणा करने वाले थे। इसी दिन आचार्यकुलम का भी शुभारंभ होना था।
आचार्यकुलम एक शिक्षण संस्थान है, जिसे पतंजलि योग पीठ के भीतर ही अलग परिसर में गुरुकुल के रूप में शुरू किया जा रहा है। चूंकि नरेंद्र मोदी ने 19 अप्रैल को आने की स्वीकृति नहीं दी थी, इसलिए उनकी स्वीकृति के आधार पर कुलम उद्घाटन की तिथि बदल दी गई है।
अब 26 अप्रैल को नरेंद्र मोदी पतंजलि योग पीठ आएंगे और बाबा के आचार्यकुलम का विधिवत शुभारंभ करेंगे। बाबा अपना संन्यास दिवस रूपी जन्म दिवस 19 अप्रैल रामनवमी के दिन ही मनाएंगे।
इन दिनों बाबा महिला सशक्तिकरण के माध्यम से नारी शक्ति को अपने साथ जोड़ने में जुटे हैं। शुक्रवार को बाबा कोलकाता में थे और उन्होंने महिलाओं को अपने शिविर में बुलाकर न केवल उनके चरण धोए, बल्कि चरणों में माथा भी टेका।
इसे देखते हुए स्पष्ट हो रहा है कि बाबा बड़ी राजनीतिक लड़ाई की तैयारी में है। बाबा का नारी सशक्तिकरण शिविर 10 अप्रैल को शिरडी में लगेगा, जिसमें भाग लेने के लिए हेमा मालिनी भी पहुंच रही हैं।