दिव्यांग भी अब सामान्य लोगों की तरह हरकी पैड़ी पर आसानी से गंगा में डुबकी लगा पाएंगे। इसके के लिए हरकी पैड़ी पर जाने के लिए रैंप बनाए जाएंगे। रैंप बनने के बाद दिव्यांग आसानी से हरकी पैड़ी पहुंच सकेंगे। मेला प्रशासन ने कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए सिंचाई विभाग से रैंप बनाने का प्रस्ताव मांगा है। कुंभ बजट से ही इसका निर्माण किया जाएगा।
सरकारी कार्यालयों की तरह अब हरकी पैड़ी पर भी दिव्यांगों के लिए रैंप बनेंगे। अभी तक हरकी पैड़ी के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी कि दिव्यांग गंगा घाट तक पहुंच सकें। ऐसे में गंगा में स्नान करने की चाह रखने वाले दिव्यांगों को निराशा होती थी। गंगा घाट जाने के लिए कम से कम 20 से 22 सीढ़ियां पार करनी होती हैं, जो दिव्यांगों के लिए काफी मुश्किल है।
इसी लिहाज से कुंभ प्रशासन ने हरकी पैड़ी पर रैंप बनाने की कार्ययोजना बनाकर अमलीजामा पहनाने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही हरकी पैड़ी पर काम करने वाली सिंचाई विभाग की कार्यदायी संस्था से प्रस्ताव मांगा है। कार्यदायी संस्था अवलोकन करने के बाद तय करेगी कि हरकी पैड़ी पर रैंप कहां और कैसे बनेगा।
हरकी पैड़ी पर दिव्यांगों की मदद को रैंप बनाने की कार्ययोजना है। सिंचाई विभाग से प्रस्ताव मांगा गया है। गंगा सभा के पदाधिकारियों से भी इस बारे में बात की जाएगी। प्रयास यही है कि महाकुंभ से पहले ही रैंप बन जाए।
-दीपक रावत, कुंभ मेला अधिकारी