कोरोना वायरस को फैलने से रोकने की दृष्टिगत रखते हुए लॉकडाउन में महिला अस्पताल में डिलीवरी की संख्या आधी से कम हो गई है। निजी अस्पतालों में भी प्रसव की यही स्थिति बताई जा रही है। डिलीवरी की घटी संख्या से स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। अब उन्होंने आशाओं से रिपोर्ट मांगी है।
महिला अस्पताल में 10 दिन पहले तक जहां हर दिन 20 से 30 गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी होती थी। यह संख्या अब घटकर 8 से 10 रह गई है। इमरजेंसी में भी चेकअप के लिए मात्र 15 से 20 गर्भवती महिलाएं पहुंच रही हैं। जबकि मरीजों के साथ गर्भवती महिला को अस्पताल तक पहुंचने के लिए रास्ते में कोई प्रतिबंध या रोकटोक तक नहीं है। बावजूद इसके अचानक महिलाओं की डिलीवरी की संख्या कम हो जाने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। उन्होंने निजी अस्पतालों से भी रिपोर्ट ली है। वहां भी डिलीवरी की संख्या में कमी आई है। जगजीतपुर स्थित शांति अस्पताल के संचालक डॉ. अरविंद पंवार ने बताया कि रविवार के बाद बुधवार को दूसरी डिलीवरी हुई है। उन्होंने आशंका जताई कि लोग घरों में ही डिलीवरी करा रहे हैं, जबकि इससे पूर्व में प्रतिदन दो से तीन डिलीवरी होती थी। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. शिखा जंगपांगी ने बताया कि आशाओं से इस संदर्भ में रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि गर्भवती महिलाओं को लॉकडाउन में कोई रोकटोक नहीं है।