हरिद्वार। नये साल के पहले ही हरिद्वार पुलिस की किरकिरी होना तय थी अगर सिडकुल थाने के कांस्टेबल मनीष चौधरी व इकबाल मलिक ने सूझबूझ से काम न लिया होता। पुलिस अफसरान भी कांस्टेबलों के हौसले की दाद दी। आईजी गढ़वाल रेंज संजय गुंज्याल ने पुलिस को दस हजार एवं एसएसपी ने ढाई हजार रुपये देने की घोषणा की है।
दरअसल, फैक्ट्री में लूटपाट की घटना फ्लैश होने के बाद रानीपुर व सिडकुल पुलिस हरकत में आ गई थी। ये सूचना सुन रहे गश्ती कांस्टेबल मनीष चौधरी व इकबाल मलिक ने क्षेत्र में आ रहे हर वाहन को चेक करना शुरू किया। इसी बीच एक कार को जब रुकने का इशारा किया तब चालक ने रोकने की बजाय दौड़ा ली। पुलिसवालों का माथा ठनक गया। वे भी पीछे पीछे हो लिए। कुछ दूरी पर कार चालक ने पुलिसवालों को टक्कर मारनी चाही लेकिन वे बच गए। फिर पुलिसकर्मियों ने हिम्मत का परिचय देते हुए कुछ ही दूरी पर कार रोक ली। पुलिसकर्मियों की सूचना पर सिडकुल एवं रानीपुर पुलिस दौड़कर पहुंच गई। फिर पूरे मामले का परत दर परत खुलासा होता चला गया। यदि ये पुलिसकर्मी चौकन्ने नहीं होते तो साल के पहले ही दिन बड़ी वारदात के खुलासे की चुनौती हरिद्वार पुलिस के सामने होती। पुलिस अफसरान ने भी इन पुलिसकर्मी मनीष चौधरी एवं इकबाल मलिक के हौसले को जमकर सराहा। एसपी सिटी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि कांस्टेबलों का नाम सराहनीय सेवा पदक के लिए भेजा जा रहा है।