हरिद्वार। हरिद्वार में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद से आशीर्वाद लेने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि हरीश रावत ने अवैध खनन कराते हुए नदियां खोद डाली, लेकिन विरोध स्वरूप हमने भी उनकी कुर्सी खोद डाली। हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहते हुए सब ने प्रदेश को लूटा। अब उनके हटते ही प्रदेश को भारी राजस्व प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति शासन लगना भी लोकतंत्र का हिस्सा है। उन्होंने कहा कांग्रेस के सभी 9 बागी विधायक एक साथ हैं।
शुक्रवार को कनखल स्थित मठ में शंकराचार्य से मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने हरीश रावत पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में केवल नेतृत्व बदला था, सरकार नहीं, लेकिन इसके बावजूद भी हरीश रावत ने उनके कार्यकाल में स्वीकृत हुए विकास कार्यों को नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि जो योजना मेरे कार्यकाल में स्वीकृत और कार्य भी हुए वहां से मेरे नाम के शिलापट्ट भी हटा दिए गए। उन्होंने कहा कि हरीश रावत उनके अच्छे मित्र है, लेकिन उनकी नीतियां राज्य को डुबो रही थी। प्रदेश में भूमाफिया, खनन माफिया की सरकार हो गई थी। प्रदेश में भारी खनन होने के चलते हुए भी राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा था, उनके हटते ही खनन से भारी राजस्व प्राप्त होने लगा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा से हरीश रावत को 18 मार्च को ही इस्तीफा दे देना चाहिए था क्योंकि उसी दिन सदन में बजट के समय सरकार अल्पमत में आ गई थी। बागी विधायकों में से कुछ के कांग्रेस में वापसी को पूर्व सीएम ने कोरी अफवाह बताया। कहा कि सभी नौ विधायक साथ हैं और किसी ने कांग्रेस में वापसी का निर्णय नहीं लिया है।
सरकार बनाने के सवाल पर कहा कि सभी के सामने विकल्प खुले हैं। भाजपा या कांग्रेस में जिसके पास बहुमत होगा वह सरकार बनाएगा। कहा कि अभी मामला कोर्ट में चल रहा है। इससे पूर्व उन्होंने शंकराचार्य से आशीर्वाद लेने के बाद केदारनाथ में आपदा में क्षतिग्रस्त हुई शंकराचार्य की समाधि के जीर्णोद्धार पर चर्चा की।