- जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य केंद्र के लिए भूमि उपलब्ध कराने और जल्द निर्माण की उठाई मांग
- दशकों से आयुष्मान आरोग्य मंदिर का अभाव, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा नहीं
जतिन शर्मा
सप्तऋषि। हरिपुर कलां क्षेत्र के हजारों लोग वर्षों से आयुष्मान आरोग्य मंदिर (स्वास्थ्य केंद्र) के अभाव में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आबादी बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद आपातकालीन चिकित्सा और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कोई सरकारी स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। एनएच-334 से चारधाम यात्रा, कांवड़ मेला और कुंभ मेले के दौरान भारी यातायात गुजरने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है, लेकिन क्षेत्र में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था नहीं है।
बेसिक हेल्थ कार्यकर्ता वंदना भट्ट ने बताया कि दशकों से क्षेत्र में आयुष्मान आरोग्य मंदिर का अभाव है। उन्होंने कहा कि सप्तऋषि आश्रम ने स्वास्थ्य केंद्र के लिए भूमि उपलब्ध कराई थी, लेकिन आपसी समन्वय की कमी के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। ग्राम प्रधान सविता शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का अपना भवन नहीं होने से योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र के लिए शांतिकुंज के सामने ग्राम पंचायत की 200 गज भूमि उपलब्ध कराने की इच्छा जताई।
क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मी जुगरान ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने से मरीजों और विशेषकर गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए क्षेत्र से बाहर जाना पड़ता है। वहीं, जिला पंचायत सदस्य दिव्या बेलवाल ने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के अभाव में लोग निजी क्लीनिक की महंगी फीस से बचने के लिए सीधे मेडिकल स्टोर से बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवाएं लेने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्षेत्र में जल्द आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने की मांग की है।