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हरिद्वार: कुंभ-2027 की पहचान को मिलेगा नया विस्तार, मुख्यमंत्री ने किया लोगो, वेबसाइट और गीत का लोकार्पण

Mon, 12 Oct 2026 05:22 PM IST
Alka Tyagi माई सिटी रिपोर्टर, हरिद्वार

सार

मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंभ-2027 के आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत का लोकार्पण किया।
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हरिद्वार कुंभ लोगो - फोटो : सूचना
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विस्तार
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हरिद्वार कुंभ मेला-2027 की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंभ के आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत का लोकार्पण किया। इन तीनों माध्यमों के जरिए कुंभ की विशिष्ट पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने, आयोजन से जुड़ी सूचनाओं को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने और कुंभ के आगमन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में पहल की गई है।

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सोमवार को मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुंभ-2027 के आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कुंभ भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा, सनातन संस्कृति और जनआस्था का विराट उत्सव है। हरिद्वार कुंभ का करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व है। राज्य सरकार कुंभ मेला-2027 के दिव्य और भव्य आयोजन के लिए प्रतिबद्ध है। आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि आधिकारिक लोगो, वेबसाइट और गीत कुंभ की पहचान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के साथ ही श्रद्धालुओं और आमजन को आयोजन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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लोगो में दिखेगी हरिद्वार की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत
हरिद्वार कुंभ-2027 का आधिकारिक लोगो शहर की धार्मिक पहचान, मां गंगा के प्रति श्रद्धा और सनातन परंपरा की विशेषताओं को दर्शाता है। इसमें मां गंगा, हर की पैड़ी क्षेत्र, धनुष पुल और सूर्योदय की दिव्य छटा को प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही शिव प्रतिमा, साधु-संतों, सनातन परंपरा के प्रतीक त्रिशूल और डमरू तथा मां मनसा देवी और मां चंडी देवी की पहाड़ियों को भी स्थान दिया गया है। लोगो में समाहित ये प्रतीक हरिद्वार की आध्यात्मिक महत्ता और कुंभ की सांस्कृतिक विरासत को अभिव्यक्त करते हैं। इसका उपयोग आयोजन से संबंधित प्रचार सामग्री, प्रकाशनों और डिजिटल मंचों पर किया जा सकेगा। इससे कुंभ की दृश्य पहचान को एकरूपता के साथ प्रस्तुत करने और आयोजन के प्रचार-प्रसार को व्यवस्थित स्वरूप देने में मदद मिलेगी।
कुंभ मेला-2027 का लोगो तैयार करने के लिए मेला प्रशासन ने राज्य के युवाओं और विद्यार्थियों से डिजाइन आमंत्रित किए थे। प्राप्त सैकड़ों प्रविष्टियों में से 13 श्रेष्ठ और मौलिक डिजाइनों पर चयन समिति ने विचार किया। इसके बाद विकासनगर के जगजीतपुर, हरिद्वार निवासी मधु शर्मा द्वारा प्रस्तुत डिजाइन का चयन किया गया। इसी डिजाइन के आधार पर हरिद्वार कुंभ-2027 के आधिकारिक लोगो को अंतिम रूप दिया गया।

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आधिकारिक वेबसाइट पर मिलेंगी कुंभ से जुड़ी जानकारियां
कुंभ मेला-2027 की आधिकारिक वेबसाइट https://haridwarkumbh.uk.gov.in के माध्यम से श्रद्धालुओं, आगंतुकों और आमजन को आयोजन से संबंधित प्रामाणिक जानकारियां उपलब्ध कराई जा सकेंगी। डिजिटल मंच के जरिए आयोजन से जुड़ी सूचनाओं का व्यवस्थित प्रसार किया जा सकेगा। इससे देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं को भी कुंभ से जुड़ने में मदद मिलेगी। वेबसाइट के माध्यम से कुंभ की तैयारियों और आयोजन संबंधी जानकारियों तक लोगों की पहुंच आसान बनाने के साथ ही हरिद्वार की धार्मिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत किया जा सकेगा।

‘कुंभ का पर्व आ गया’ गीत से गूंजेगा आस्था और उल्लास का संदेश
कुंभ मेला-2027 के आधिकारिक गीत का लोकार्पण कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। ‘साधु और संतों के मन में हर्ष छा गया, कुंभ का पर्व आ गया’ पंक्तियों से शुरू होने वाला यह गीत कुंभ के आगमन की प्रसन्नता, साधु-संतों के उत्साह और श्रद्धालुओं की आस्था को स्वर देता है। इस गीत की रचना, गायन और संगीत हरिद्वार निवासी गायक राघव राजा ने किया है। गीत के माध्यम से कुंभ के आगमन का संदेश जन-जन तक पहुंचाने और आयोजन के प्रति सांस्कृतिक जुड़ाव मजबूत करने का प्रयास किया गया है। धार्मिक आयोजनों में गीत-संगीत जनभावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम रहा है। ऐसे में कुंभ का आधिकारिक गीत आयोजन की परंपरा, उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण को आमजन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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