हरिद्वार। बीएएमएस की प्रवेश परीक्षा में मुन्नाभाईयों को हायर करने के के अंदेशे पर गुरुकुल कांगड़ी आयुर्वेदिक कालेज के छात्र-छात्राओं की जांच की गई। वर्ष 2014 और 2015 बैच के छात्र-छात्राएं साफ निकले। हालांकि तीन छात्र जांच प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके, उन्होंने अपने न आने का कारण बताते हुए अगले दिन जांच में शामिल होने की बात कही।
शुक्रवार को ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज परिसर में गुरुकुल कांगड़ी आयुर्वेदिक कालेज के 2014 बैच के 47 और 2015 बैच के 48 छात्र-छात्राओं की जांच हुई। जांच सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक की गई। जांच में 2015 के दो छात्र संदिग्ध नजर आए। इनकी गहनता से जांच की गई तो ये भी सही निकले। एक छात्र की दाढ़ी बढ़ी हुई थी तो कटवाई गई ये भी सही निकला। जांच में तीन छात्र शामिल नहीं हुए। जिसमें एक छात्र की मां पहुंची और उसने अपने बेटे के न आने का कारण बताया। दूसरे छात्र ने दुर्घटना होने और तीसरे ने शहर से बाहर होने के कारण जांच में शामिल होने में असमर्थता जताई। प्रोफेसर कमेेटी के सदस्यों एवं इंटेलीजेंस के अधिकारियों का कहना है कि गुरुकुल कालेज के छात्रों ने स्पष्ट जवाब दिए। उन्होंने अपने विषयों सहित अन्य जनरल जानकारी भी दी।
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दो छात्रों के अभिभावक काट रहे चक्कर
हरिद्वार। ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालेज के बीएएमएस के 2013 बैच के 18 छात्रों में से आरोपी 17 छात्र अभी भी फरार हैं। ये छात्र जांच प्रक्रिया में ही शामिल नहीं हो सके थे। जिसके चलते कालेज निदेशक की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज है। हालांकि मुकदमे के तीसरे दिन भी इनमें से एक भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। वहीं दो छात्रों के अभिभावक अपने बच्चों को सही बताते हुए कालेज में जांच कराने को अनुमति मांग रहे हैं। उनका कहना है कि उस दिन किसी कारणों से जांच में शामिल नहीं हो सके थे। कालेज निदेशक प्रो. एएन पांडेय ने दोनों छात्रों के अभिभावकों को पुलिस के हाथ में मामला जाने के कारण मदद करने में असमर्थता जताई है। उनका कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस अधिकारी ही जांच के लिए अनुमति दे सकते हैं।