शंतिकुंज परिवार भारतीय संस्कृति की ध्वजा फहराने के लिए स्वामी विवेकानंद की जयंती पर आज बृहस्पतिवार को युवा चेतना दिवस के रूप में मनाएगा। इसके अंतर्गत देशभर के 400 जिलों को लक्ष्य बनाकर कार्ययोजना बनाई गई है। पिछले एक वर्ष से इसकी तैयारी के लिए इन जिलों से 12 से 15 चयनित प्रतिनिधियों को गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में भविष्य निर्माता शिविरों के माध्यम से तैयार किया गया है। 12 जनवरी को एक साथ देशभर में युवा चेतना जागरण मशाल यात्रा निकलेगी।
शांतिकुंज के प्रमुख डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि देश की 65 फीसदी आबादी युवा है। इन्हें जाग्रत करने एवं सकरात्मक दिशा देने के लिए शांतिकुंज इस को युवा क्रांति वर्ष के रूप में मना रहा है। इस साल युवा जोड़ो अभियान को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को सृजनशील बनाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सृजन कार्यों में लगाने को गति दी जाएगी।
केंद्रीय युवा प्रकोष्ठ के समन्वयक केदार प्रसाद दुबे ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श वाक्य बनो और बनाओ के उद्देश्य को लेकर शांतिकुंज परिवार इस वर्ष कई कार्यक्रम करेगा। इसके अंतर्गत चौदह लाख नए युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि पैंतालीस सौ युवा उत्कर्ष शिविर तथा छह हजार सात सौ शिक्षण संस्थानों में डिवाइन वर्कशॉप किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के लिए शांतिकुंज तथा देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण प्राप्त युवा सक्रियता के साथ जुटेंगे।