हरिद्वार। बुधवार को आंशिक सूर्य ग्रहण बाद हजारों श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी सहित गंगा के अन्य घाटों पर डुबकी लगाई। ग्रहण के बाद लोगों ने दान किया और धर्मनगरी के मंदिरों की सफाई की गई।
खग्रास सूर्यग्रहण तड़के प्रारंभ हो गया था। बुधवार को सूर्य ग्रस्तोग्रस्त उदित हुए। सूर्योदय होने के ठीक नौ मिनट बाद ग्रहण से मुक्ति मिल गई। ग्रहण के समय हरकी पैड़ी और अन्य घाटों पर श्रद्धालुुओं ने बैठकर विभिन्न धार्मिक ग्रंथों से पाठ करते रहे। कई श्रद्धालु मालाएं लेकर जप करते रहे। ग्रहण का सूतक मंगलवार शाम से लग गया था। इसलिए बुधवार सुबह ग्रहण से मुक्ति के बाद ही श्रद्धालुुओं ने अन्न जल ग्रहण किया।
ग्रहण के उपरांत श्रद्धालुओं ने यथास्थान जाकर उचित पात्रों को ग्रहण का दान दिया। जिस समय ग्रहण चल रहा था उस समय भी धर्मनगरी मेें दान पुण्य चलता रहा। सूर्यनारायण के ग्रहण से मुक्त हो जाने के बाद तमाम मंदिरों के द्वार खोले गए। देव प्रतिमाओं को गंगाजल से स्नान कराकर नए वस्त्र धारण कराए गए। हरकी पैड़ी और घरों में नगर वासियों ने नवीन यज्ञोपवीत धारण किए। ग्रहण का स्नान करने वालों में राजस्थान और पंजाब के श्रद्धालुुओं की सर्वाधिक रही।