व्यापारियों ने दिल्ली की भांति 200 यूनिट बिजली और मुफ्त पानी की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकांश लोगों की आर्थिकी बहुत कमजोर है और शेष बचे लोग मध्यवर्गीय हैं, इसलिए सभी को राहत की जरूरत है।
बृहस्पतिवार को बस अड्डे के बाहर महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी के नेतृत्व में एकत्र हुए व्यापारियों ने धरना दिया। इस मौके पर उन्होंने मांग की कि बिजली और पानी के बढे़ बिल वापस करने के साथ-साथ 200 यूनिट बिजली मुफ्त एवं पानी मुफ्त दिया जाए। सुनील सेठी ने कहा कि राज्य में बिजली का उत्पादन और पानी का भंडारण होते हुए मंदी के दौर में बिजली पानी के बढ़े हुए बिल और नए नए टैक्स लगाकर जनता और व्यापारियों का उत्पीड़न हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली जैसे राज्य में केजरीवाल सरकार बिजली पानी मुफ्त दे सकती है, जबकि वहां बिजली और पानी बाहर से आता है। वहां सभी राजनीतिक पार्टियां अपने अपने घोषणा पत्रों में बिजली पानी मुफ्त देने की घोषणाएं कर रही हैं तो उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य जहां मध्यम वर्गीय, निम्न वर्गीय परिवारों की संख्या अधिकतम है, वहां सरकार ऐसे जनहित के फैसले क्यों नहीं ले सकती। उल्टा बिजली पानी के साथ-साथ सीवर टैक्स, हाउस टैक्स की बढ़ोतरी कर यहां की जनता पर भारी बोझ डाला जा रहा है। इस मौके पर ज्वालापुर व्यापार मंडल अध्यक्ष विनय श्रोत्रिय, जागृति व्यापार मंडल अध्यक्ष नाथीराम सैनी, तरुण व्यास, जितेंद्र चौरसिया, जिला सचिव प्रीतकमल सारस्वत, शहर अध्यक्ष तेज प्रकाश साहू, आकाश भाटी, प्रदीप मान, दीपक राणा, पंकज माटा, मनोज कुमार, दीपक पांडेय, योगेश अरोड़ा, प्रीतम सिंह, रमन सिंह, मनोज कुमार आदित्य, मुकेश अग्रवाल, रामलाल कुमार, राजेश सुखीजा, राहुल चौहान, अनूप सिंह, भूदेव शर्मा व प्रमोद कुमार आदि उपस्थित रहे।