केएफसी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर कर्मचारियों ने ज्वालापुर निवासी व्यक्ति से 9.30 लाख रुपये की ठगी कर दी। पुलिस ने मुंबई के तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, शलभ गोयल निवासी मोहल्ला नील खुदाना ज्वालापुर ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि केएफसी कंपनी की फ्रेंचाइजी लेने के लिए उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया था। कंपनी की तरफ से ई-मेल आई और प्रणव कुडतरकर नामके व्यक्ति ने फोन पर संपर्क किया। फ्रेंचाइजी पंजीकरण के लिए 1.55 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करवा लिए। अरुण मैथ्यू और प्रणव ने पंजीकरण शुल्क के बाद टीम निरीक्षण के लिए मौके पर आने की बात कही। लेकिन इसके बाद भी टीम नहीं आई।
शलभ ने संपर्क साधा तो दोनों ने एनओसी शुल्क 7.50 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करवाने पर ही टीम निरीक्षण के लिए आने की बात कही। राहुल कपूर को अपना बॉस बताते हुए फोन पर बात करवाई। उसने एनओसी शुल्क जमा करने पर ही टीम के आने का आश्वासन दिया। जिस पर उसने खाते में 7.50 लाख रुपये ट्रांसफर करवा दिए। लेकिन आज तक न फ्रेंचाइजी मिल पाई। आरोप लगाया कि केएफसी के एचआर विभाग से संपर्क करने के बाद पता चला कि तीनों केएफसी के कर्मचारियों ने ठगी की है। ज्वालापुर कोतवाली में अरुण मैथ्यू, प्रणव एवं राहुल कपूर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। कोतवाली प्रभारी आरके सकलानी ने बताया कि धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।