हरिद्वार। नगर कोतवाली क्षेत्र में एक संस्था का फर्जी दस्तावेज बनाकर नवीनीकरण कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने महामंडलेश्वर रुपेंद्र प्रकाश की शिकायत पर एक सीए सहित चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, अवधूत मंडल आश्रम के प्रबंधक महामंडलेश्वर महंत रुपेंद्र ने शिकायत देकर बताया कि संस्था स्वामी शिवराम दास ट्रस्ट, शिवधाम, श्रवणनाथ नगर का पंजीकरण 2010 तक ही मान्य था। अधिकांश सदस्यों के निधन होने के कारण संस्था अपंजीकृत चली आ रही थी। सहायक निबंधक सोसाइटी के कार्यालय में 14 जनवरी 2013 को बाहरी व्यक्ति रोहिताश कुमार ने खुद को संस्था का सेवक दर्शाकर कूटरचित व फर्जी प्रपत्रों के आधार पर नवीनीकरण का आवेदन किया, जिसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई। 2017 मे गुलशन नारंग ने कूटरचित फर्जी प्रपत्र बनाकर कार्यालय में प्रस्तुत किए और आवेदन किया। रोहताश कुमार, गुलशन नारंग, रामदेव व अन्य के खिलाफ 2020 में कोतवाली हरिद्वार में मुकदमा दर्ज कराया था। 2022 में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल हो गया।
उच्च न्यायालय में आरोप पत्र के विरुद्ध याचिका प्रस्तुत की है, जो विचाराधीन है। आरोप है कि वर्तमान में सोसाइटी कार्यालय में संस्थाओं के नवीनीकरण की कार्रवाई ऑनलाइन चल रही है। इसका फायदा उठाकर रोहताश कुमार, गुलशन नारंग, रामदेव ने अन्य के साथ मिलकर 20 मई 2024 को पुनः कूटरचित व फर्जी कार्रवाई बनाकर, आपराधिक मुकदमे के तथ्यों का गोपन कर संस्था का नवीनीकरण करा लिया। संस्था ना तो किसी संपत्ति को धारित करती है और ना ही इसके पास अपना कोई कार्यालय है। आरोप है कि कूटरचित व फर्जी तैयार करने में चार्टेड एकाउंटेट सुमित कुमार शर्मा, सुमित शर्मा एंड कंपनी निकट भूपतवाला का हाथ है। शहर कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।