हरिद्वार। अर्द्घकुुंभ मेले के दौरान तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए अलग-अलग राज्यों की पांच हजार बसें नियमित चलेंगी। एक हजार बसों को आरक्षित रखा जाएगा। माल वाहक वाहन, टैक्टर और जुगाड़ वाहनों पर यात्रियों को नहीं ढोने दिया जाएगा।
अर्द्घकुुंभ मेला 2016 में विभिन्न राज्यों से आने वाले यात्रियों की परिवहन व्यवस्था के लिए बृहस्पतिवार को सीसीआर में परिवहन आयुक्त सीएस नपलच्याल ने कई राज्यों के परिवहन अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में प्रदेश परिवहन आयुक्त ने कहा कि अलग-अलग प्रदेशों से अर्द्घकुंभ मेला में आने वाले यात्रियों के किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए विभिन्न राज्यों की करीब पांच हजार बस नियमित रुप से चलाई जाएंगी। जबकि एक हजार बसों को रिजर्व रखा जाएगा। दूसरे राज्यों से आने वाली बसों के उत्तराखंड में आने पर रोड टैक्स परमिट आदि की व्यवस्था ऑनलाइन रहेगी। वहीं काउंटरों के माध्यम से टैक्स जमा किया जा सकेगा। परिवहन आयुक्त ने सभी राज्यों के अधिकारियों से अपेक्षा कि की वह आपसी तालमेल बनाकर रखें ताकि यात्रियों को किसी तरह की दिक्कत न हो। उन्होंने कहा कि मेला अवधि में सामान्य दिन और स्नान पर्व के दिन और मुख्य स्नान पर्व 14 अप्रैल 2016 के दिन अलग अलग तरह की परिवहन व्यवस्था रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाली बसों को डीजल और पैट्रोल की आपूर्ति उनके रूट पर ही मुहैया कराई जाएगी। यात्रा अवधि पर चलने वाले चालक और परिचालकों को निर्धारित वर्दी पहनने के साथ ही अपने नाम की प्लेट वर्दी पर लगानी होगी। चालक अपना ड्राईविंग लाइसेंस और पहचान पत्र अवश्य रप से साथ रखें। बैठक में मेलाधिकारी एसए मुरुगेशन, डीआईजी मेला जीएस मर्तोलिया, जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ, एसएसपी सैंथिल अबुदई कृष्णराज एस, पुलिस अधीक्षक जगतराम जोशी, परिवहन निगम के जीएम उदय सिंह राणा, आरटीओ सुधांशु गर्ग सहित जिला प्रशासन और यूपी, हिमाचल, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान आदि प्रदेशों से परिवहन निगम के अधिकारी मौजूद रहे।