कनखल पुलिस ने कार चोरी का खुलासा किया है। पकड़े गए आरोपी का हौसला देख पुलिस भी दंग रह गई। दरअसल कार चोर ने ही चार साल पहले अपनी कार को कनखल में एक व्यक्ति को दो लाख में बेच दिया था। खरीदार ने कार अपने नाम ट्रांसफर नहीं करवाई। बेचने वाले के मन में लालच आया और उसी ने कार चोरी कर ली। कार की फर्जी आरसी बनाकर वह उससे पहाड़ में अवैध शराब की तस्करी करना चाहता था। लेकिन लालच ने उसे जेल पहुंचा दिया।
सोमवार को कनखल थाने में कार चोरी का खुलासा करते हुए एसपी क्राइम रेखा यादव ने बताया कि 19 नवंबर को मोहित भट्ट निवासी राज बिहार कॉलोनी फुटबाल ग्राउंड जगजीतपुर की कार घर के बाहर गली से चोरी हो गई थी। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच एसआई खेमेंद्र गंगवार को सौंपी गई। विवेचना के दौरान कार चोरी करने वाले आरोपी सुभाष बिष्ट निवासी ग्राम जलई पो. सुरसाल तहसील उखीमठ जिला रूद्रप्रयाग को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसपी रेखा यादव ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि उसने वर्ष 2018 में मोहित के पिता चंद्रभान को दो लाख रुपये में कार बेची थी। चंद्रभान ने अभी तक कार को अपने नाम ट्रांसफर नहीं कराया था। कार बेचते समय उसने एक चाबी अपने पास ही रख ली थी। कार चोरी करने के बाद देहरादून धर्मपुर डांडा की दिव्य बिहार कॉलोनी में खड़ी कर दी थी।
आरोपी ने बताया कि कार चोरी करने के बाद नकली आरसी बनाकर कार से पहाड़ों में शराब तस्करी करने की योजना बनाई थी। आरोपी की निशानदेही पर कार बरामद कर ली। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। टीम में एसओ मुकेश चौहान, एसआई खेमेंद्र सिंह गंगवार, आरक्षी सतेंद्र सिंह, निर्मल सिंह, सीआईयू के एसआई रणजीत सिंह तोमर, सुंदर, वसीम शामिल रहे। आवेश अंसारी
पुलिस के मुताबिक आरोपी सुभाष बिष्ट एमबीए पास है। नौकरी नहीं मिलने पर वह शराब तस्करी करने लगा। उखीमठ और गुप्तकाशी में आबकारी अधिनियम में आरोपी के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं। जल्द अमीर बनने के लिए उसने शराब की तस्करी शुरू कर दी। बड़े स्तर पर तस्करी करने के लिए कार चोरी की घटना को अंजाम दिया।