हरिद्वार। गंगा किनारे चल रहे किसान सम्मेलनों में शनिवार को भी कई मुद्दों पर चर्चा की गई। सम्मेलन में शनिवार को कई प्रस्ताव पारित किए गए।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन (अम्बावत) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल अम्बावत ने कहा कि सरकार किसानों का कर्ज माफ करना होगा। उन्होंने कहा कि देश की अस्सी प्रतिशत आबादी वाला किसान आज आत्महत्या कर रहा है। राष्ट्रीय महामंत्री मांगेराम पंवार ने कहा कि अब तक देश की सत्ता पर काबिज रही सरकारों ने किसानों के साथ भेदभाव किया और जब तक भारत का किसान कर्ज मुक्त नहीं होगा तब तक देश का समग्र विकास संभव नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष आरके त्यागी ने कहा कि भाकियू उपजाऊ भूमि का अधिग्रहण नहीं होने देगी और जिस भूमि का अधिग्रहण आवश्यक होगा उसका बाजार भाव किसानों को दिलाया जाएगा। इससे पूर्व शनिवार को रोड़ी वेलवाला में भारतीय किसान यूनियन का तीन दिवसीय वार्षिक अधिवेशन का सत्र सुबह नौ बजे से बारह बजे तक चला। इस मौके पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सुरेश छिल्लर, राजस्थान के अध्यक्ष बनै सिंह राष्ट्रीय प्रवक्ता ज्ञानचंद आहूजा, राजकुमार पांडे, सविता चैधरी, महेंद्र सिंह, आरडी सिंह, गंगा प्रसाद यादव, चौधरी प्रहलाद सिंह, चौधरी विजेन्द्र सिंह, राजेन्द्र सिंह राणा, चौधरी प्रवीन अंबावता आदि उपस्थित थे।
जिला मुख्यालयों पर होगा धरना-प्रदर्शन
हरिद्वार। भरतीय किसान यूनियन भानू गुट के तीन दिन से चले अधिवेशन का शनिवार को किसान हितों के लिए संघर्ष करने के संकल्प के साथ समापन हो गया। ठाकुर भानू प्रताप सिंह ने कहा कि कि किसानों को उनकी फसलों का समुचित मूल्य मिले, किसान आयोग का गठन हो फसलों की सुरक्षा के लिए अलग से फोर्स का गठन किया जाए आदि मांगों को लेकर उनकी यूनियन जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेगी। आने वाले चुनावों में भी इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इस दौरान राजेंद्र प्रसाद शास्त्री, श्यौराज सिंह, ऋषिपाल, सुरेंद्र सिंह, प्रदीप चौहान, चौधरी कुंवरपाल सिंह, आदि ने विचार रखे। सम्मेलन समाप्ति के साथ ही सभी लोग अपने घरों को लौट गए।