यज्ञ-हवन और नामकरण संस्कार आचार्य कुलदीप विद्यार्थी और मुकेश शास्त्री ने संपन्न कराए। उपस्थित संत-महंतों और श्रद्धालुओं ने परिवार का पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर स्वागत किया। तीर्थ सेवा न्यास ने घर वापसी करने वाले सभी लोगों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए। धार्मिक संस्कारों के बाद पीलीभीत के परिवार के सदस्यों को नए नाम मिले। माहिद अब मोहित और सबीना बीबी अब खुशी के नाम से जाने जाएंगे। उनके बच्चों को रोशन, रोहन और अनन्या नाम दिए गए। सहारनपुर के इब्राहिम को विराट पुंडीर नाम मिला।
संत राम विशाल दास महाराज ने कहा कि सनातन केवल एक पूजा-पद्धति नहीं है। यह जीवन को सत्य, संस्कार, कर्तव्य, सेवा और सदाचार से जोड़ने वाली जीवन-दृष्टि है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपनी आस्था के संबंध में निर्णय लेता है, समाज को उसके साथ सम्मान और सहयोग रखना चाहिए। उन्होंने समाज में धर्म, संस्कार और सेवा की चेतना को मजबूत करने का उद्देश्य बताया। कार्यक्रम का समापन संतों के आशीर्वाद और श्रद्धालुओं के साथ हुआ।