राशन कार्डों को ऑनलाइन करने का नियम बार-बार बदलने का खामियाजा आम लोगों को ही नहीं बल्कि विभाग के कर्मचारियों को भी भुगतना पड़ रहा है। विभाग आधार के बोझ तले दबकर रह गए है। हाल यह है कि कर्मचारी दिन में दफ्तरों के अलावा रात में घर जाकर भी आधार फीडिंग का काम कर रहे हैं। हालांकि जनपद के कुल 4.44 लाख राशन कार्डों में 90 फीसदी कार्ड ऑनलाइन किए जा चुके हैं।
सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने की कवायद कई साल से जारी है। राशन कार्ड को आधार कार्ड से जोडने के लिए साल भर पहले कार्ड धारक मुखिया के आधार कार्ड जुटाए गए थे। इनकी आधार फीडिंग का काफी काम भी पूरा कर लिया गया था। बाद में राशन कार्ड में दर्ज परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड अनिवार्य कर दिए गए। जिस पर सभी कार्डधारकों से परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड जुटाए गए। करीब तीन महीने से आधार फीड करने का काम चल रहा है। जनपद में 4.44 लाख राशन कार्ड धारकों की कुल परिवार सदस्य संख्या के तौर पर करीब 19 लाख यूनिट आधार कार्ड फीड होने हैं। विभाग का पूरा फोकस इन दिनों आधार फीडिंग पर है। दफ्तर के अधिकांश कर्मचारियों को आधार फीडिंग में लगाया गया है।
डीएसओ राहुल शर्मा के मुताबिक आधार फीडिंग का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। 10 प्रतिशत कार्य जल्द पूरा करने के लिए कर्मचारी दिन रात काम कर रहे हैं। दिन में दफ्तर में आधार फीडिंग का काम किया जा रहा है, रात में कुछ कर्मचारी घर जाकर भी लैपटॉप से आधार फीड करने में लगे हैं। जल्द ही शत प्रतिशत आधार फीड कर राशन कॉर्ड ऑनलाइन कर दिए जाएंगे।