पहले त्योहार और इसके बाद यात्रा सीजन में पूर्वांचल और बिहार रूट पर चलने वाली अधिकांश ट्रेनों में सीटें फुल होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही थी। अब मई और अप्रैल में इन रूटों पर चलने वाली राप्ती गंगा सहित कई ट्रेनों का संचालन निरस्त होने से मुसीबत बढ़ जाएगी।
यात्रा सीजन के बीच इंटरलॉकिंग के कार्य के चलते 12 अप्रैल से चार मई के बीच ट्रेनों का संचालन रद्द रहने से यात्रियों को मशक्कत करनी पड़ेेगी। रेलवे अधिकारियों की मानें तो गोरखपुर कैंट से कुसम्ही रेलवे स्टेशन के बीच नान इंटरलाकिंग का काम किया जाना है। 12 अप्रैल से चार मई तक ये काम होगा।
इसके लिए हरिद्वार रेलवे स्टेशन के अलावा लक्सर व अन्य स्टेशनों से होकर जाने वाली ट्रेनों का संचालन निरस्त रहेगा। इनमें मुजफ्फरपुर से देहरादून आने वाली राप्ती गंगा एक्सप्रेस ट्रेन 21 और 28 अप्रैल व तीन और 10 मई, देहरादून से गोरखपुर जाने वाली गोरखपुर एक्सप्रेस 15, 17, 20, 24 व 29 अप्रैल, एक मई, देहरादून से मुजफ्फरपुर जाने वाली राप्ती गंगा 19, 26 अप्रैल व तीन मई को रद्द रहेगी।
कई और ट्रेनों का संचालन नहीं होगा
गोरखपुर से जम्मूतवी जाने वाली 21 और 28 अप्रैल, जम्मूतवी से गोरखपुर जाने वाली गोरखपुर एक्सप्रेस 26 अप्रैल और तीन मई, अमृतसर से गोरखपुर जाने वाली गोरखपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस 20 और 27 अप्रैल, गोरखपुर से अमृतसर जाने वाली ट्रेन का 21 और 28 अप्रैल को संचालन बंद रहेगा।
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इसके अलावा भी कई और ट्रेनों का संचालन नहीं होगा। इन ट्रेनों का संचालन रद्द होने के बाद पूर्वांचल, बिहार रूट पर यात्रियों के सामने परेशानी पेश आएगी। क्योंकि यात्रा सीजन से पहले ही ट्रेनों में सीटें फुल होने से यात्रियों को सफर करने में मशक्कत करनी पड़ कर रही थी। स्थानीय रेलवे अधिकारियों का कहना है कि परेशानी तो होगी, लेकिन कई स्पेशल ट्रेनों से कुछ राहत मिल सकती है।