जिला और महिला अस्पताल में आउटसोर्स से काम कर रहे सफाई कर्मचारियों को दो माह से वेतन नहीं मिला है। इससे आक्रोशित कर्मचारियों ने गुरुवार से कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। शुरूआती जांच में वेतन का भुगतान न होने पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की लापरवाही सामने आई है। अस्पताल प्रशासन ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी का स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिला और महिला अस्पताल की सफाई व्यवस्था ठेके पर है। वर्तमान में यह ठेका अजय सैनी के पास है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार अजय सैनी ने जिला अस्पताल में 14 और महिला अस्पताल में नौ सफाई कर्मचारी तैनात किए हैं। सफाई कर्मचारियों को वेतन देने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है, लेकिन मई और जून माह से सफाई कर्मचारियों को वेतन का नहीं किया है। इससे नाराज सफाई कर्मचारियों ने सीएमएस को पत्र देकर वेतन न मिलने पर 11 जुलाई से कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी थी। इससे अस्पताल प्रशासन से हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मामले की जांच की गई तो पाया गया कि संबंधित ठेकेदार को अस्पताल की तरफ से पिछले दस माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। मामले में अस्पताल के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी दिनेश चंद्र की लापरवाही सामने आई है। अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। अस्पताल की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित ठेकेदार से वार्ता की जा रही है।
सफाई कर्मचारियों की तरफ से कार्य बहिष्कार करने संबंधी पत्र अस्पताल प्रशासन को सौंपा गया है, जिसकी जांच में पाया गया है कि अस्पताल की तरफ से सफाई ठेकेदार को दस माह से भुगतान नहीं किया गया है। इसके लिए अस्पताल के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की लापरवाही सामने आई है। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। अस्पताल की सफाई व्यवस्था को सुचारू करने के लिए संबंधित ठेकेदार से वार्ता की जा रही है।
डॉ. विकास दीप, कार्यवाहक सीएमएस जिला अस्पताल हरिद्वार
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