नोटबंदी के बीच जाली नोट चलाने के मामले में खुफिया विभाग और लक्सर पुलिस ने सराय गांव में दो युवकों की तलाश में छापा मारा लेकिन, दोनों घर से गायब होने पर टीम ने परिजनों से पूछताछ की।
एक हजार और पांच सौ के नोट बंद होने पर छोटे नोट को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। लक्सर में कुछ लोग इसका फायदा उठाकर जाली नोट चला रहे थे। पुलिस ने चार दिन पहले आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपियों के तार ज्वालापुर से सटे सराय गांव के कुछ युवकों से जुड़े बताए जा रहे हैं। शुक्रवार देर रात लक्सर पुलिस और खुफिया विभाग की एक संयुक्त टीम सराय पहुंची। टीम ने दो युवकों के बारे में जानकारी जुटाई और उनके घर पर दबिश दी लेकिन, दोनों में से एक भी घर पर नहीं मिला। इससे पुलिस का शक और गहरा गया है। पुलिस ने उनके परिजनों से पूछताछ की। काफी देर खोजबीन के बाद टीम लौट गई।
पुलिस जिस युवक की तलाश कर रही है वह पेशे से मार्बल-टाइल्स लगाने का काम करता है। दूसरा युवक भी उसका साथी बताया जा रहा है। लक्सर में पकड़े गए युवक की सराय में रिश्तेदारी है। पुलिस को जानकारी मिली है कि लक्सर में पकड़े गए आरोपी रिश्तेदार और परिचित युवकों के साथ मिलकर जाली नोट चलाने का धंधा कर रहे थे। मामले को लेकर गांव में तरह तरह की चर्चाएं हैं।
जाली नोट चलाने वालों के निशाने पर लक्सर
छह माह पहले रुड़की गंगनहर कोतवाली पुलिस ने भी जाली नोट बनाने और चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया था। उनके कब्जे से कई लाख रुपये के 100 रुपये के जाली नोट मिले थे। पड़ताल में सामने आया था कि उन्होंने लक्सर के एक गांव में कंप्यूटर, कलर प्रिंटर आदि सेटअप लगाया था। अब फिर लक्सर में जाली नोट चलाने का मामला सामने आया है। इससे पता चलता है कि घनी आबादी और चारों तरफ से देहात से घिरा लक्सर कस्बा जाली नोट चलाने वाले गिरोह के निशाने पर है।