वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन रोशनाबाद में मासिक सम्मेलन में पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुनीं। लेकिन कोई भी पुलिसकर्मी अपनी समस्याएं नहीं बता पाया। मासिक अपराध गोष्ठी में उन्होंने अपने विजन को स्पष्ट किया। सभी पुलिस अधिकारियों को महिला और बाल अपराधों को बिल्कुल भी हल्के में न लेने की हिदायत दी। तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
एसएसपी अजय सिंह ने जवानों के मासिक सम्मेलन में एक-एक कर सभी की समस्या पूछी। लेकिन किसी ने अपनी समस्या नहीं बताई। उन्होंने सभी कोतवाली व थाना प्रभारियों को अगली बार ऐसे कर्मचारियों को ही साथ लाने के लिए कहा, जिनकी व्यक्तिगत या सामूहिक समस्या हो। उन्होंने सम्मेलन में किसी भी कर्मचारी के समस्या न बताने को गंभीरता से लिया और हर कोतवाली, थाने में वेलफेयर ऑफिसर और महिला कर्मियों के लिए शहर व देहात क्षेत्र की महिला हेल्पलाइन अधिकारी को रिड्रेसल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। कहा कि पीड़ितों की समस्या को सुने और जाने। उनसे अनावश्यक बहस न की जाए। अच्छे से पेश आएं।
एसएसपी ने पुलिस कार्यालय स्थित मीटिंग हॉल में मासिक अपराध गोष्ठी में कहा कि कोतवाली एवं थाना प्रभारियों को संबोधित करते हुए कहा कि थाने में आने वाले पीड़ितों के साथ किया गया आपका व्यवहार महत्वपूर्ण है। सुनिश्चित करें कि पीडित केंद्रित पुलिसिंग पर फोकस करते हुए उनके प्रति व्यवहार मधुर और व्यवहारिक हो। जाम संभावित स्थानों पर स्थानीय थाना पुलिस ट्रैफिक पुलिस का सहयोग करें।
नशे के सौदागरों को पकड़ सलाखों के पीछे भेजें
एसएसपी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि नशे के छोटे तस्करों पर कार्रवाई से समाज का भला नहीं होगा। जरूरी है कि छोटी मछलियों को पकड़कर वाहवाही लूटने की आदत छोड़ें और नशे के मूल स्रोतों को खंगालते हुए बड़े सौदागरों को सलाखों के पीछे भेजें। उन्होंने कहा कि गोकशी में संलिप्त लोगों पर गैंगस्टर और गुंडा एक्ट की कार्रवाई करें।