- जनगणना कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पर होगी कार्रवाई
- उपजिलाधिकारी और तहसीलदारों को राजस्व वादों को शीर्ष प्राथमिकता से निस्तारण करने के दिए निर्देश
हरिद्वार। जनगणना 2027 को सफल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला आपदा कंट्रोल रूम में जनगणना प्रगति की गहन समीक्षा की। इसमें धीमी गति पर किए जा रहे कार्यों पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों और चार्ज अधिकारियों को शीर्ष प्राथमिकता में रखकर कार्य करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए है कि हाउस लिस्टिंग ब्लॉक से संबंधित कार्यों को 18 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने सभी जिला स्तरीय और चार्ज अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत निर्धारित कार्य 25 अप्रैल से 05 मई 2026 के बीच अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं।
जिलाधिकारी ने एग्रीस्टैक के तहत संचालित विभिन्न कार्यों जैसे आधार सीडिंग, डीसीएस व किसान रजिस्ट्री की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों और अधिकारियों को आपसी समन्वय, सतत निगरानी और प्रभावी कार्यप्रणाली अपनाते हुए कार्यों को गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील स्तर पर राजस्व के जो भी वाद लंबित हैं उनका प्राथमिकता से निस्तारण करें। बैठक में मुख्य नगर आयुक्त नंदन कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ, अपर जिलाधिकारी पीआर चौहान, उप जिलाधिकारी रुड़की अनिल कुमार शुक्ला, नगर आयुक्त रुड़की राकेश चंद्र तिवारी, उपजिलाधिकारी हरिद्वार जितेंद्र कुमार, उपजिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र नेगी, उपजिलाधिकारी लक्सर सौरभ असवाल, नगर पालिका व नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी मौजूद रहे।