देर रात शासन से अनुमति मिलने के बाद आखिरकार जिला प्रशासन ने गंगा स्नान, पिंडदान और सभी धार्मिक गतिविधियों को प्रतिबंधित करने का निर्णय ले लिया। जिलाधिकारी सी रविशंकर ने बताया कि सोमवती अमावस्या की तरह ही पितृ अमावस्या पर भी हरकी पैड़ी पर पूरी तरह रोक रहेगी।
केंद्र सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक, 21 सितंबर के बाद बाद अनलॉक-4 के हिसाब से छूट दी जाएगी। उधर, एसएसपी सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस ने बताया कि नारायण शिला के पदाधिकारियों ने भी बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते पितृ अमावस्या पर मंदिर बंद करने का फैसला लिया है।
उन्होंने बताया कि पितृ अमावस्या पर हरकी पैड़ी पर प्रतिबंध बुधवार शाम सात बजे से लागू होगी। बैरियर लगाकर पूरे क्षेत्र को सील कर दिया जाएगा। कोशिश की जाएगी कि हरकी पैड़ी आने वाले लोगों को बॉर्डर से ही लौटा दिया जाए।